फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक ने मनाया राष्ट्रीय दिवस, तीन बार मुंह की खाने के बावजूद कश्मीर पर भारत को ललकारा

Fri, 23 Mar 2018 07:56 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
पाकिस्तानियों ने शुक्रवार को अपने राष्ट्रीय दिवस को राजधानी इस्लामाबाद में एक सैन्य परेड के साथ मनाया, जिसमें लघु और लंबी दूरी की मिसाइल, टैंक, जेट, ड्रोन और अन्य शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया। इस परेड में महिला सैनिकों समेत राजनीतिक और सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। हजारों लोगों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस परेड में देश की वायु शक्ति को दिखाया गया और पैराट्रूप्टर्स हेलीकॉप्टरों ने भी अपना करतब दिखाया।
विज्ञापन

2 of 8
इस परेड में पाकिस्तानी मिलिट्री ने मोबाइल फोन तक को बैन कर दिया था ताकि फोन के जरिए होने वाली घटनाओं को रोका जा सके। बता दें कि पाकिस्तानी सेना पर अमेरिका लगातार दबाव बना रहा है। अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में जिस तरह मिलिटेंट्स को पाकिस्तान का समर्थन मिल रहा है उससे नाराज अमेरिका ने हाल में ही उसे कड़े संदेश दिए हैं। 
विज्ञापन

3 of 8
वहीं पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस अवसर पर आतंकवादियों को हराने का वादा किया, जिन्होंने पिछले एक दशक से हमलों में हजारों लोगों को मार दिया है। जाहिर है पाकिस्तान के इस बयान पर भरोसा करने लायक कुछ नहीं है।

4 of 8
क्योंकि इससे पहले भी पाकिस्तान इस तरह के आश्वासन देता रहा है। अपने भाषण में ममनून ने कश्मीर के विवादित हिमालय क्षेत्र में मानव अधिकारों के उल्लंघन के बारे में पड़ोसी भारत की आलोचना की है। जबकि सीजफायर उल्लंघन के मामने में दुनिया को पता है कि पाकिस्तान का क्या रवैया रहा है। 
 
विज्ञापन

5 of 8
इतिहास गवाह है कि भारत-पाक के बिगड़े रिश्तों में पाकिस्तान कितना गुनहगार है। 1965, 1971 और 1999 में तीन बार भारत से मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान फिर वही दोहराने की कोशिश करता रहा है। 
 
विज्ञापन

6 of 8
बहरहाल अपने राष्ट्रीय दिवस पर रोड शो निकालते समय पाकिस्तान खुद काफी डरा हुआ दिखाई दिया। इस्लामाबाद की कुछ सड़कों को अधिकारियों ने ब्लॉक तक कर दिया। 141 पाकिस्तानियों और विदेशियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया। लेकिन उपलब्धि के मायनों में पाकिस्तान क्या ढूंढ रहा है इस पर भी उसके ईमानदार होने का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। 
 
विज्ञापन

7 of 8
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद इस साल, क्यूबा के दिवंगत शासक फिदेल कास्त्रो को भी सम्मानित किया गया है। क्योंकि 2005 के दौरान पाकिस्तान में आए भूकंप में क्यूबा ने अपने डॉक्टरों को पाकिस्तान भेजा था। बता दें कि इस भूकंप में 75,000 लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन

8 of 8
पाकिस्तान की एक दिवंगत समाजसेवी असमा जहांगीर को भी सम्मानित किया गया है। असमा वही समाजसेवी थीं जो लगातार पाकिस्तानी मिलिट्री पर नागरिकों के हनन का मुद्दा उठाती रहीं। असमा के घर वालों ने इस सम्मान को स्वीकार किया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें