नेपाल त्रासदी
- फोटो : पीटीआई
स्वास्थ्य सेवा विभाग की वरिष्ठ सलाहकार ने क्या कहा?
ऐसे समय में राहत कार्य तेज किया जा रहा है जब 11,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं, बाढ़ से पूरी बस्तियां, घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं। राहत कार्य में शामिल मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों ने कहा कि मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार (पीएफए), जिसे आम तौर पर आपदा के तत्काल चरण के बाद शुरू किया जाता है, अब सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवा विभाग की वरिष्ठ सलाहकार और चिकित्सा विशेषज्ञ पोमावती थापा ने कहा कि रसुवा और नुवाकोट में तैनात 50 पेशेवरों में से लगभग 10 सीधे तौर पर पीएफए (पल्मोनरी फैसिलिटी) दे रहे हैं, जबकि चार सदस्यीय टीम को सुदूर रसुवा के उत्तरगया भेजा गया है, जो सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ क्षेत्र नहीं है।