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म्यांमार में भूकंप: दबे लोगों का जिंदा बचना मुश्किल, शवों का रिकॉर्ड नहीं; तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

Tue, 01 Apr 2025 04:14 AM IST
शिव शुक्ला मांडले/बैंकॉक
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म्यांमार में भूकंप से तबाही। - फोटो : पीटीआई
म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में सोमवार तक मृतक संख्या 2,065 और घायलों की संख्या 3,900  हो गई है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा, दुर्गम स्थानों तक बचाव टीमें अब भी पहुंच नहीं पाई हैं। ऐसे में यहां मृतकों, घायलों या लापताओं का रिकॉर्ड तक नहीं है। उधर, सयूएस जियोलॉजिकल सेवा के मुताबिक, आपदा में 72 घंटे बाद जमीन में दबे लोगों के जीवित बचने की संभावना लगभग खत्म होती है। ऐसे में शुक्रवार से मलबे में दबे लोगों के जिंदा रहने की उम्मीदें घट गई हैं।
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म्यांमार में भूकंप से तबाही के बाद बचाव कार्य जारी। - फोटो : पीटीआई
देश की सैन्य नेतृत्व वाली सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन टुन ने बताया, भूकंप के कारण घायलों व  मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ लापताओं की संख्या 270 से ज्यादा हो गई है। थाईलैंड में अब तक 19 लोग मर चुके हैं। कई दुर्गम क्षेत्रों में बचाव टीमें सोमवार को भी नहीं पहुंच पाई हैं इसलिए वहां कितनी क्षति हुई है इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। यानी मृतकों, घायलों की वास्तविक संख्या कई गुना अधिक हो सकती है। फिलहाल अधिकांश आंकड़ा नेपीता और मांडले शहरों के आसपास का ही सामने आ पाया है। म््यांमार में अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के कार्यक्रमों की उप निदेशक लॉरेन एलेरी ने बताया, इस समय हम विनाश के पैमाने के बारे में स्पष्ट नहीं हैं। छह प्रांतों में आपातकाल लगाया जा चुका है। देश में कई जगहों का संपर्क कटा हुआ है।  
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म्यांमार में भूकंप से तबाही। - फोटो : पीटीआई
बचाव दल कई क्षेत्रों से कटे
अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के कार्यक्रमों की उप निदेशक लॉरेन एलेरी ने कहा, जमीन पर मौजूद उनकी टीमें और उनके स्थानीय भागीदार वर्तमान में यह आकलन कर रहे हैं कि सबसे अधिक जरूरतें कहां हैं। बचाव दल आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, मानवीय आपूर्ति और अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं। लेकिन यह मदद अब भी देश के कई हिस्सों तक संचार कटने और आवागमन रुकने के चलते नहीं पहुंच पा रही है। एलेरी ने कहा, हमारी टीमें मांडले और नेपीता के आसपास की बातें कर रहे हैं। मांडले में 80% इमारतें ढह चुकी हैं। भूस्खलन के चलते भी पहुंच रुकी है।
 

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म्यांमार में भूकंप से तबाही। - फोटो : पीटीआई
छह लोग मलबे में से जिंदा बचाए गए
अमेरिकी जियोलॉजिकल सेवा द्वारा 72 घंटे बाद जमीन में दबे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बहुत कम होने की आशंका जताने के साथ ही सोमवार को छह लोग मलबे से जीवित बचाए गए हैं। इनमें एक महिला को म्यांमार के होटल से बचाया गया। चीनी दूतावास के अनुसार, चीनी, रूसी और स्थानीय टीमों द्वारा 5 घंटे के अभियान के बाद मांडले शहर में ढह चुके ग्रेट वॉल होटल के नीचे फंसी महिला को 60 घंटे बाद मलबे से निकाला गया। उसकी हालत स्थिर है।
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भूकंप के बाद तबाही के मंजर। - फोटो : पीटीआई
शुक्रवार को नमाज के दौरान 700 से अधिक मुस्लिम मरे
म्यांमार के एक मुस्लिम संगठन ‘स्प्रिंग रिवोल्यूशन म्यांमार मुस्लिम नेटवर्क’ ने दावा किया है कि रमजान के पवित्र माह में शुक्रवार की नमाज के समय पर देश में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में 700 से अधिक नमाजी मारे गए हैं। संगठन की संचालन समिति के सदस्य टुन की ने सोमवार को कहा कि देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास भूकंप में करीब 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गईं। इरावदी ऑनलाइन समाचार साइट पर पोस्ट किए गए वीडियो में भूकंप के दौरान कई मस्जिदें गिरती हुई दिख रही हैं और लोग इलाकों से भाग रहे हैं।
 
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मलबे से लोगों को निकालते बचावकर्मी - फोटो : पीटीआई
ऑपरेशन ब्रह्मा : यू हला थीन मठ में बचाव अभियान शुरू
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को बताया कि भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने यू हला थीन मठ में ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत बचाव अभियान शुरू कर दिया है। यहां करीब 170 भिक्षु अभी भी फंसे हुए हैं। सेना की टीम ने सोमवार को अस्पताल स्थल का दौरा किया। मंगलवार को यह टीम अपनी चिकित्सा सेवाएं स्थापित करेगी।  
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एनडीआरएफ स्काई विला (जहां 11 मंजिलों वाले चार टावर ढह गए हैं) में एनडीआरएफ टीम को तैनात करने की भी कोशिश कर रहा है। टावरों में कई विदेशी हैं। राहत सामग्री राज्य महानायक समिति (म्यांमार में समिति की दूसरी सबसे बड़ी) के महासचिव को भी दी जाएगी, जहां मठ के बाहर करीब 2,000 भिक्षु बैठे हैं। भिक्षु घायल नहीं हैं, लेकिन उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है और उनके पास कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। टीमों को मांडले पैलेस, महा मुनि पैगोडा, एमआईआईटी और अन्य ऐसे स्थानों पर भी तैनात किया जाएगा जहां काफी नुकसान हुआ है। टीमें भारतीय समुदाय के रहने और भोजन के लिए भी मदद दे रही हैं।
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भूकंप के मंजर। - फोटो : पीटीआई
भारतीय दल ने निकाले शव मलबे में तलाशी अभी जारी
म्यांमार में भारतीय दूतावास ने कहा कि मांडले पहुंचने के बाद से भारतीय बचाव दल बचे लोगों की सहायता करने के लिए काम कर रहा है। भारतीय दल को 13 इमारतों की जिम्मेदारी मिली है, जिनके मलबे से उसने सात शव बरामद किए हैं। दूतावास ने प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की और कहा कि और सहायता भेजी जा रही है। दूतावास ने कहा, हमारी टीमें खोजबीन व चिकित्सा में मदद कर रही हैं।
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