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Hassan Nasrallah: पांच महीने बाद सुपुर्द-ए-खाक हुआ हसन नसरल्ला, जनाजे में उमड़े हजारों लोग, देखें तस्वीरें

Sun, 23 Feb 2025 08:03 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरुत

सार

सितंबर 2024 में इस्राइली हवाई हमले में मारे गए हिजबुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला को पांच महीने बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। नसरल्ला के जनाजे में शामिल होने के लिए बेरुत के एक स्टेडियम में हजारों लोग उमड़े। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग गमगीन नजर आए। देखिए तस्वीरें...। 
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हसन नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक में उमड़ी भीड़। - फोटो : PTI
सितंबर 2024 में इस्राइली हवाई हमले में मारे गए हिजबुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला को पांच महीने बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। नसरल्ला के जनाजे में शामिल होने के लिए बेरुत के एक स्टेडियम में हजारों लोग उमड़े। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग गमगीन नजर आए। नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए ईरानी संसद के अध्यक्ष और विदेश मंत्री भी लेबनान पहुंचे। स्टेडियम में नरसल्ला के साथ ही उनके उत्तराधिकारी और चचेरे भाई हाशेम सफीद्दीन का ताबूत भी रखा गया। सफीद्दीन के शव को दक्षिणी लेबनान में उनके गृहनगर में दफनाया जाएगा। 
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हसन नसरल्ला - फोटो : PTI
स्टेडियम में जब नरसल्ला और सफीद्दीन के ताबूतों को भीड़ के सामने लाया गया तो पुरुषों ने फूल फेंके। जबकि कुछ लोगों ने कपड़े के सामान फेंके। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत तमाम अधिकारियों ने भी स्टेडियम पहुंचकर नसरल्ला को याद किया। इसके अलावा सुपुर्द-ए-खाक में लेबनानी संसद के अध्यक्ष, राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।  
 
हिजबुल्ला के वरिष्ठ अधिकारी अली दामूश ने बताया कि दुनिया भर से हजारों व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं के अलावा 65 देशों के लगभग 800 लोग सुपुर्द-ए-खाक में शामिल हुए। उन्होंने इस्राइल का जिक्र करते हुए कहा कि हर घर, गांव और शहर से लोग आए। हमने दुश्मन को बताया कि प्रतिरोध बना रहेगा और मैदान तैयार है।
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हसन नसरल्ला। - फोटो : PTI
अमेरिका और इस्राइल के विरोध में लगे नारे
नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक में हजारों हिजबुल्ला समर्थकों ने इस्राइल और अमेरिका के विरोध में नारे लगाए। उन्होंने समूह का पीला झंडा लहराया। शोक संतप्त सहर अल-अत्तार ने कहा कि वह अभी भी विश्वास नहीं कर सकती कि क्या हुआ? नसरल्ला के दफनाने में शामिल होने के लिए हम गोलियों के नीचे भी आ सकते थे। हम अपने दुख को जाहिर नहीं कर सकते। सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने आई सारा टाकी ने कहा कि शोक मनाने वालों की बड़ी संख्या से पता चलता है कि हिजबुल्ला अभी भी मजबूत है। दर्द है लेकिन हमें मजबूत होना चाहिए।

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हसन नसरल्ला। - फोटो : PTI
स्टेडियम के बाहर लगाए गए पोस्टर और एलईडी स्क्रीन
हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक कार्यक्रम को लेकर बेरुत के स्टेडियम में तमाम तैयारियां की गईं थीं। स्टेडियम के बाहर नसरल्ला के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। साथ ही सुपुर्द-ए-खाक का प्रसारण देखने के लिए बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गईं थीं। यहां 2006 में इस्राइल के साथ युद्ध के बाद दिए गए नरसल्ला के भाषण का प्रसारण चल रहा था। इसके अलावा बेरुत में तमाम सड़कों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके अलावा कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। लेबनानी सेना ने बेरूत में ड्रोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही बेरूत के रफीक हरीरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली उड़ानें चार घंटे के लिए रोक दी गई थीं। 
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हसन नसरल्ला - फोटो : PTI
इस्राइली सेना ने किए हमले
हिजबुल्ला प्रमुख नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक से पहले इस्राइली सेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में कई हमले किए। इस्राइली सेना ने लेबनानी क्षेत्र में रॉकेट लांचर और हथियारों वाले एक सैन्य स्थल पर हमला किया। हमले में एक सीरियाई महिला घायल हो गई। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि इस्राइली वायु सेना के विमान हसन नसरल्ला के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान बेरूत के ऊपर आसमान में उड़ रहे हैं। यह एक स्पष्ट संदेश है कि जो कोई भी इस्राइल को नष्ट करने और हमला करने की धमकी देता है। उसका अंत हो जाएगा।
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हसन नसरल्ला - फोटो : PTI
हसन नसरल्ला कौन था?
64 वर्षीय नसरल्ला के नेतृत्व में हिजबुल्ला ने इस्राइल के खिलाफ कई युद्ध लड़े। इसके साथ ही नसरल्ला ने पड़ोसी सीरिया में संघर्ष में भाग लिया, जिससे राष्ट्रपति बशर अल-असद के पक्ष में शक्ति संतुलन बनाने में मदद मिली। कहा जाता है कि नसरल्ला ने हिजबुल्ला को इस्राइल को और कट्टर दुश्मन बना दिया और ईरान में शिया मजहबी नेताओं और हमास जैसे फलस्तीनी समूहों के साथ गठबंधन को मजबूत किया।

नसरल्ला अपने लेबनानी शिया अनुयायियों के बीच काफी मशहूर था। अरब और इस्लामी दुनिया के लाखों लोगों द्वारा सम्मानित नसरल्ला को सैय्यद की उपाधि दी गई। अमेरिका और पश्चिम के अधिकांश देश उसे एक उग्रवादी के रूप में देखते थे। अपनी ताकत के बावजूद नसरल्ला इस्राइली खतरों के डर से ज्यादातर समय छिपकर ही रहा। 27 सितंबर 2024 को इस्राइली सेना की ओर से बेरुत में हिजबुल्ला मुख्यालय पर किए गए हवाई हमले में उसकी मौत हो गई थी। हिजबुल्ला के उसके शव को अस्थायी रूप से गुप्त स्थान पर दफना दिया था। 

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