हसन नसरल्ला
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स्टेडियम में जब नरसल्ला और सफीद्दीन के ताबूतों को भीड़ के सामने लाया गया तो पुरुषों ने फूल फेंके। जबकि कुछ लोगों ने कपड़े के सामान फेंके। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत तमाम अधिकारियों ने भी स्टेडियम पहुंचकर नसरल्ला को याद किया। इसके अलावा सुपुर्द-ए-खाक में लेबनानी संसद के अध्यक्ष, राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
हिजबुल्ला के वरिष्ठ अधिकारी अली दामूश ने बताया कि दुनिया भर से हजारों व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं के अलावा 65 देशों के लगभग 800 लोग सुपुर्द-ए-खाक में शामिल हुए। उन्होंने इस्राइल का जिक्र करते हुए कहा कि हर घर, गांव और शहर से लोग आए। हमने दुश्मन को बताया कि प्रतिरोध बना रहेगा और मैदान तैयार है।