पोलिश-फ्रेंच यहूदी डेविड ओलर ने हिटलर के नाजी यातना गृह ऑस्त्विज की अपनी खौफनाक यादों की तस्वीरें बनाई थीं। इसमें उन्होंने कैदी के रूप में खुद को ही दिखाया है।
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ओलर पेंटिग- यहूदी और ईसाई पीड़ित
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पोलैंड के दक्षिण में स्थित ऑस्त्विज डेथ कैंप ने ओलर की 18 पेंटिंग ले ली हैं। जर्मन नाजी ने ऑस्त्विज डेथ कैंप में ही करीब 10 लाख यहूदियों और एक लाख गैर यहूदी लोगों की हत्या की थी।
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1943 में पेरिस से ऑस्त्विज डेथ कैंप में भेजे गए
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1943 में पेरिस से ऑस्त्विज डेथ कैंप में भेजे गए ओलर को उस यूनिट में शामिल किया गया जो गैस से मारने के बाद लाशों को एकत्र करती थीं। इस यूनिट को सोंडरकमांडो कहा जाता था।
'काम तुम्हें मिलती है आजादी'
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अपनी इस पेंटिंग में नाजी का एक क्रूर नारे "काम तुम्हें मिलती है आजादी," को लिखा और शमशान गृह की चिमनी बनाई। 83 साल की उम्र में 1985 में उनकी मौत फ्रांस में हुई।