फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्रांसीसी पीएम बोले 'बुर्कीनी से ज्यादा खुले ब्रेस्ट फ्रांस का गौरव'

Wed, 31 Aug 2016 10:55 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : bbc
विज्ञापन
बुर्कीनी बैन को लेकर फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुअल वॉल्स का विवादित बयान सामने आया है। जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है। फ्रांस के प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुस्लिम हेड स्कार्फ से ज्यादा खुले ब्रेस्ट फ्रांस गणराज्य का ज्यादा बेहतर प्रतिनिधित्व करते हैं।
विज्ञापन


आपको बता दें कि फ्रांस में महिलाओं के फुल स्विमसूट (बुर्कीनी) को बैन करने वाले मेयर्स को समर्थन करने के मुद्दे पर फ्रांसीसी पीएम एजुकेशन मिनिस्टर से भी भिड़ चुके हैं। मैनुअल वॉल्स ने सोमवार को एक स्पीच में मैरीऐन के खुले ब्रेस्ट को फ्रांस गणराज्य का प्रतीक बताते हुए बुर्कीनी बैन को सही ठहराया।

एक रैली में उन्होंने कहा कि, 'मैरिएन फ्रांस की क्रांति का प्रतीक है। मैरीऐन के ब्रेस्ट खुले हुए हैं क्योंकि वह बच्चों को फीडिंग कराती है। वह परदे के भीतर नहीं हैं क्योंकि वह आजाद हैं और यही एक गणतंत्र की पहचान है।'
विज्ञापन

कन्फ्यूज हैं फ्रांसीसी पीएम मैनुअल वॉल्स !

- फोटो : thegurdian
1848 में राजतंत्र की समाप्ति के बाद मैरिएन को फ्रांस का प्रतीक माना जाने लगा। आज भी फ्रांस में आधिकारिक दस्तावेजों में मैरिएन का प्रतीक दिखता है। एक इतिहासकार निकोलस लेबॉर्ग के मुताबिक वॉल्स मैरीऐन और 1830 की डेलाक्राइक्स की पेटिंग ऑफ लिबर्टी में कंफ्यूज हो रहे हैं।

दरअसल पेटिंग ऑफ लिबर्टी में ब्रेस्ट ढके हुए नहीं बल्कि खुले हैं। कई लोगों का कहना है कि मैरीऐन ने अपना सिर एक हल्की फ्रिजियन कैप से ढका हुआ है जो आजादी और क्रांति का प्रतीक है। उसे कई रूपों में प्रदर्शित किया गया है। कभी ढके हुए रूप में तो कभी खुले ब्रेस्ट के साथ।
विज्ञापन

बुर्कीनी से बैन हटाए फ्रांस- यूएन

यूएन ने फ्रांस में बीच पर बुर्कीनी से बैन हटाने के लिए कहा था। यूएन ने कहा था कि यह एक मूर्खतापूर्ण कार्रवाई है इससे सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं होगी बल्कि इससे धार्मिक असहिष्णुता बढ़ेगी। फ्रांस के कई मेयर्स ने बुर्कीनी पर बैन लगा रखा है लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पिछले हफ्ते एक जगह लगे बुर्कीनी बैन को हटा दिया था जिसका यूएन ने भी स्वागत किया था।

आपको बता दें कि फ्रांस के कई शहरों में बुर्कीनी पर प्रतिबंध को मानवाधिकार संगठनों ने पसंद के कपड़े पहनने के मुस्लिम महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन बताकर इसके खिलाफ अपील की थी। बुर्कीनी को लेकर फ्रांस और अन्य देशों में जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। कई ओपिनियन पोल के मुताबिक फ्रांस के ज्यादातर लोगों ने प्रतिबंध का समर्थन किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें