कल से लेकर अब तक ताइवान, चीन और अमेरिका में करीब 50 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस हो चुके हैं। ताइवान में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप के चलते तीनों देशों में भारी बारिश हो सकती है।
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ताइवान में भूकंप से भारी नुकसान हुआ है।
- फोटो : सोशल मीडिया
पिछले 24 घंटे के अंदर दुनिया के छह देश भूकंप से कांप उठे। भारत के कुछ राज्यों में भी झटके महसूस हुए, लेकिन ये ताइवान, जापान के मुकाबले काफी कमजोर रहे। ताइवान, जापान, चीन में हालात काफी खराब हैं।
ताइवान में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। झटके इतनी तेज थे कि यहां की कई इमारतें जमींदोज हो गईं। सड़कों के बीच दरारें आ गईं। कई पुल भी टूट गए। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर आ चुके हैं। ताइवान के अलावा जापान और चीन में भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं।
कल से लेकर अब तक अकेले इन्हीं तीनों देशों में करीब 50 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस हो चुके हैं। ताइवान में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप के चलते ताइवान, जापान और चीन में भारी बारिश हो सकती है।
आगे हम आपको तस्वीरों में दिखाएंगे कि कौन से वो छह देश हैं, जहां पिछले 24 घंटे के अंदर भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। अभी कहां क्या हालात है? ताइवान, जापान और चीन में क्या स्थिति है? आइए जानते हैं...
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भूकंप के चलते ताइवान में कई इमारतें जमींदोज हो गईं।
- फोटो : अमर उजाला
कहां-कहां आया भूकंप?
earthquake.usgs.gov के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के अंदर ताइवान, जापान, चीन, अफगानिस्तान, म्यांमार, भारत (मेघालय) में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत ताइवान में है। अभी तक की जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके दोपहर 2:44 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर शहर के उत्तर में 50 किलोमीटर तक भूकंप के झटके महसूस हुए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर नीचे था। रेक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.9 मापी गई।
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भूकंप के बाद मौसम विभाग ने सुनामी की चेतावनी जारी की है।
- फोटो : अमर उजाला
सुनामी का अलर्ट
भूकंप के झटकों के बीच जापान के मौसम विभाग ने एक मीटर ऊंची सुनामी का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सुनामी के कारण जापान के दक्षिणी द्वीपों को खतरा हो सकता है। इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। जापान के अधिकारियों ने तट के करीब रहने वाले लोगों को तुरंत इलाका खाली करने के लिए कहा है।
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भूकंप के झटके इतने तेज थे कि ट्रेनें भी पलट गईं।
- फोटो : अमर उजाला
23 साल पहले ताइवान में दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे
ताइवान में यह पहली बार नहीं है, जब भूकंप ने तबाही मचाई हो। इसके पहले 1999 में भी आए भूकंप से भयानक तबाही मची थी। तब दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। डेढ़ लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे। करीब 15 हजार लोग घायल हुए थे। इसके बाद साल 2016 में भी एक भयानक भूकंप आया था। तब 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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भूकंप के झटके से कई इमारतों में दरारें आ गईं हैं।
- फोटो : अमर उजाला
24 घंटे में 50 से ज्यादा भूकंप के झटके
ताइवान और जापान में पिछले 24 घंटे के अंदर 50 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस हो चुके हैं। पूरे देश में अफरातफरी मची हुई है। लोग सहमे हुए हैं। सरकार ने लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए कहा है। राहत बचाव का काम भी शुरू हो गया है।
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भूकंप के चलते ताइवान के कई इलाकों में सड़कें टूट गईं।
- फोटो : अमर उजाला
हर साल हजारों भूकंप के झटके झेलता है ताइवान
ताइवान की सेंट्रल वेदर ब्यूरो ने भूकंप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके मुताबिक, साल 1900 से 1990 तक ताइवान में हर साल करीब 2,200 भूकंप आए। इनमें से 214 भूकंप के झटके बेहद खतरनाक थे। इसके बाद साल 1991 में सेस्मिक नेटवर्क को बेहतर किया गया तो भूकंप का पता लगा पाना और आसान हो गया।
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भूकंप के चलते स्टेशनों पर कुछ यूं लोग छिपे रहे।
- फोटो : अमर उजाला
साल 1991 से 2004 तक कुल 18,649 झटके आए। सबसे ज्यादा साल 1999 में भूकंप के झटके आए। आंकड़ों के अनुसार, तब कुल 49,919 बार ताइवान की धरती कांपी थी। भू वैज्ञानिक प्रो. प्रत्युष बनर्जी कहते हैं, 'ताइवान दो टेटोनिक प्लेट्स के करीब है और इसलिए यहां पर भूकंप आम बात है। यहां के लोगों को इसकी आदत होती है, हालांकि जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसका ज्यादा असर पड़ता है और ये आम लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित होती है।'
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ताइवान में भूकंप
- फोटो : अमर उजाला
जानें क्यों आता है भूकंप?
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती है, तो भूकंप महसूस होता है।
जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।