जब डोनाल्ड ट्रंप 2017 में शपथ ग्रहण से ठीक पहले वॉशिंगटन आए थे तो वहां के लोगों के लिए वह अनजान-अजनबी थे। वह पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिनके पास राजनीति या सेना का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए यह साफ नहीं था कि वह कैसे शासन करेंगे। अब, चार साल के अंतराल के बाद वह ज्यादा अनुभव और एक नई व मजबूत टीम के साथ लौट रहे हैं।
इन चार सालों में राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है, कांग्रेस के दोनों सदन अब रिपब्लिकन से भरे हुए हैं जो उनके एहसानमंद हैं। दुनिया के जो नेता कभी उनके आलोचक थे, वे वैश्विक मंच को अलविदा कह चुके हैं या उनके साथ काम करने के लिए अधिक इच्छुक हैं। जर्मनी की एंजेला मर्केल ने 2021 में पद छोड़ दिया, कनाडा के जस्टिन त्रूदो कार्यकाल के अंत के करीब हैं और ब्रिटेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में नेतृत्व बदल चुका है। इस बीच, ट्रंप को ऐसे नेताओं का समर्थन मिल रहा है जो उनके विचारों से सहमति रखते हैं, जैसे इटली की जॉर्जिया मेलनी, अर्जेंटीना के जेवियर मिली और हंगरी के विक्टर ओरबान।