-कई बार इसमें काम के दौरान देरी आई।
-बजट अनुमान के मुताबिक नहीं रहा।
-भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए।
-निर्माण कार्य में लगे कुछ कर्मियों की मौत हो गई।
-पुल 2017 के आखिर में खुलने वाला था पर नहीं खुल सका।
हालांकि इसकी ओपनिंग डेट अभी तक बताई नहीं गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पुल का इस्तेमाल अगले 120 सालों तक किया जा सकेगा। इस पुल के बनने से सफर के समय में 60 फीसदी की कटौती होगी। जिससे चीन में
व्यापार बढ़ेगा और चीन की अर्थव्यवस्था भी लाभांवित होगी। गौरतलब हो चीन का यह पुल ब्रिटेन और फ्रांस को जोड़ने वाली डॉवर-कैलेस क्रॉसिंग से भी लंबा है।