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चीन ने बनाया दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल, दुनिया के किसी पुल में नहीं हैं ऐसी सुविधाएं

Fri, 30 Mar 2018 01:09 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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चीन के इंजीनियरों ने दुनिया के आठवां अजूबा बना दिया है। यह अजूबा है दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल है जो हांगकांग, मकाऊ और मेनलैंड चीन को जोड़ रहा है। इस पुल की खासियत ये है कि पुल के साथ स्नैकिंग सड़क क्रॉसिंग और एक सुरंग भी बनाया गया है। वैसे इस पुल का उद्घाटन 2017 में कर दिया गया था लेकिन इसे आम लोगों के लिए अभी तक खोला नहीं गया है।

ऐसा माना जा रहा है इस पुल के खोले जाने के बाद हांग-कांग से झुहाई के बीच का ट्रेवल टाइम भी कम हो जाएगा। हांग कांग से झुहाई जाने में अभी 3 घंटे लगते हैं जो 30 मिनट में सिमट जाएगा।  

पर्ल नदी पर बने इस पुल के अंदर बना सुरंग चीन की इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना पेश किया है।  ऐसा माना जा रहा है कि इस पुल से जहां कई शहर एक दूसरे के करीब आ जाएगें वहीं व्यापार भी बढ़ेगा। जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।  
 
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पीने के अंदर सुरंग

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चीन में बने इस सबसे खूबसूरत और लंबे पुल में बनाए गए सुरंग की लंबाई 6.7 किमी है। पुल प्रोजेक्ट मैनेजर गाओ जिनलिंग ने कहा कि इतनी लंबी सुरंग बनाने के लिए उन्होंने कई रातों को भी काम किया। जिनलिंग ने आगे कहा कि वह कई रातों तक कर्मियों के साथ साथ खुद भी नहीं सो पाए क्योंकि निर्माण कार्य के दौरान बहुत सी परेशानियां आती रहती थीं। 
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बने हैं 60 आइफिल टावर

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आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस ब्रिज के निर्माण में इतना स्टील उपयोग किया गया है जिससे  60 आइफिल टावर बनाए जा सकते हैं। पुल बनाने में कुल 4,20,000 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है। जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है।  

80,000 टन के पाइप 

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पानी के अंदर सुरंग बनाने के लिए 80,000 टन पाइप्स का उपयोग किया गया है। समुंद्र के अंदर सुरंग निर्माण के लिए  वाटरटाइट तकनीक का इस्तेमाल किया है। जिसके बारे में प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि इसे बनाने में सबसे ज्यादा मेहनत लगी क्योंकि वाटरटाइट तकनीक का इस्तेमाल करना बहुत ही मुश्किल काम है।  
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इतनी रही पुल की लागत

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इस पुल को बनाने में तकरीबन 1,510 करोड़ डॉलर का खर्च आया है। पुल की लंबाई भी 55 किमी यानि 34 मील है। यह पुल चीन की पर्ल नदी पर बनाया गया है। हालांकि पुल के बनाने से पहले जितनी लागत का अनुमान लगाया गया था, पुल की लागत उससे कहीं ज्यादा रही। 
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बनने में लगे इतने साल

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इस ब्रिज को बनने में 9 साल लगा है। इससे सबसे बड़ा फायदा ये है कि इस पुल ने 3 घंटे की दूरी को 30 मिनट में बदल दिया है। पहले चीन के जुहाई से हांगकांग पहुंचने में 3 घंटे का समय लगता था लेकिन अब केवल 30 मिनट का ही समय लगेगा।
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पुल से जुड़ीं कुछ कड़वी बातें भी सामने आईं

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-कई बार इसमें काम के दौरान देरी आई।
-बजट अनुमान के मुताबिक नहीं रहा।
-भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए। 
-निर्माण कार्य में लगे कुछ कर्मियों की मौत हो गई।
-पुल 2017 के आखिर में खुलने वाला था पर नहीं खुल सका।

हालांकि इसकी ओपनिंग डेट अभी तक बताई नहीं गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पुल का इस्तेमाल अगले 120 सालों तक किया जा सकेगा। इस पुल के बनने से सफर के समय में 60 फीसदी की कटौती होगी। जिससे चीन में व्यापार बढ़ेगा और चीन की अर्थव्यवस्था भी लाभांवित होगी। गौरतलब हो चीन का यह पुल ब्रिटेन और फ्रांस को जोड़ने वाली डॉवर-कैलेस क्रॉसिंग से भी लंबा है।
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