संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से हथियारों के व्यापार को लेकर ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध बीती 18 अक्तूबर को स्वत: ही समाप्त हो गए हैं। यह प्रतिबंध करीब 10 साल पहले साल 2015 में हुई एक संधि की शर्त में शामिल थे। ईरान ने दुनिया के छह बड़े देशों से यह समझौता किया था, हालांकि अमेरिका साल 2018 इससे पीछे हट गया था।
बहरहाल, अब जब ईरान पर लगे प्रतिबंध हट गए हैं तो इसे यूएन में अमेरिका पर तेहरान की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि पिछले कुछ समय से अमेरिका ईरान पर लगे इन प्रतिबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में पैरवी कर रहा था।
प्रतिबंध हटने के बाद ईरान ने कहा है कि अब उसका हथियार खरीदने से ज्यादा बेचने का इरादा है। इनमें टैंक, बख्तरबंद वाहन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और भारी सैन्य उपकरण शामिल हैं। इस सबके बीच जानने योग्य बात यह है कि इन प्रतिबंधों का हटना दुनिया के लिए क्या मायने रखता है।