क्रांतिकारी चे ग्वेरा का नाम भारत में शायद ही किसी ने ना सुना हो। उनको दुनिया छोड़े हुए पचास साल हो चुके हैं लेकिन लोग उनको अब भी याद करते हैं। जानिए उनसे जुड़ी बातें-
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Che Guevara
- फोटो : reuters
चे ग्वेरा को 9 अक्टूबर 1967 को बलीवियन आर्मी ने गोली मार दी थी। उस आर्मी को यूएस का साथ मिला हुआ था। उनके मृत शरीर को हॉस्पिटल के इसी सिंक में रखकर मीडिया को दिखाया गया था।
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Che Guevara
- फोटो : AFP
माना जाता है कि चे ग्वेरा के मृत शरीर को मीडिया के सामने दिखाना ही यूएस की सबसे बड़ी गलती थी क्योंकि इसके बाद दुनियाभर के बाकी क्रांतिकारियों में वह हीरो बन गए।
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Che Guevara
- फोटो : AFP
चे ग्वेरा ने दो बार में मोटरसाइकिल के जरिए पूरे लैटिन अमेरिका घूमा था और लोगों को संदेश दिया था कि गरीबी से लड़ने के लिए सशस्त्र क्रांति और साम्यवाद का ही रास्ता बचता है।
चे ग्वेरा का जन्म अर्जंटीना में हुआ था, इसलिए ही उनके आगे 'चे' लगा हुआ था। उन्होंने क्यूबा की क्रांति में अहम रोल अदा किया था। उन्हें गरीबों का साथी माना जाता था।