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Biggest Earthquake Ever: कहीं एक झटके में तीन लाख लोग मरे, कहीं लाखों घर तबाह हुए, विश्व के 10 खौफनाक भूकंप

Mon, 06 Feb 2023 05:20 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जानकारी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। इससे कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। सड़कों के बीच दरार आ गई। कई पुल भी टूट गए। ये पहली बार नहीं है, जब भूकंप के झटकों ने तबाही मचाई हो। इसके पहले भी कई बार इस तरह के झटकों से तबाही मच चुकी है। आज हम आपको ऐसे ही 10 खौफनाक भूकंप के झटकों के बारे में बताएंगे....
 
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भूकंप - फोटो : अमर उजाला
तुर्की, इस्राइल, सीरिया और लेबनान में भूकंप के तेज झटकों ने कहर बरपा दिया है। सबसे ज्यादा असर तुर्की (नया नाम तुर्किये) और सीरिया में देखने को मिला है। यहां अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पांच हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस्राइल और लेबनान में भी कई मौतों की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। इससे कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। सड़कों के बीच दरार आ गई। कई पुल भी टूट गए। ये पहली बार नहीं है, जब भूकंप के झटकों ने तबाही मचाई हो। इसके पहले भी कई बार इस तरह के झटकों से तबाही मच चुकी है। आज हम आपको ऐसे ही 10 खौफनाक भूकंप के झटकों के बारे में बताएंगे....
 
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जापान भूकंप 2011 - फोटो : अमर उजाला
1. जापान: एक झटके में 18 हजार से ज्यादा लोग मारे गए
11 मार्च 2011 की बात है। जापान में भूकंप के तेज झटकों के बाद आई सुनामी ने पूरे देश को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान 18 हजार लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, कई अन्य रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसमें एक लाख से ज्यादा लोगों की जान गई थी। इस भूकंप की तीव्रता 9 मापी गई थी। सुनामी की वजह से जापान के तटीय इलाकों में बनीं तीन लाख से ज्यादा इमारतें बह गईं थीं। 
 
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नेपाल भूकंप 2015 - फोटो : अमर उजाला
2. नेपाल: भारत समेत तीन देशों पर दिखा था असर
25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 8.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें 10 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 23 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस तबाही का खौफ आज भी नेपाल के लोगों में देखने को मिलता है। भूकंप के झटके का असर भारत, चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान तक महसूस हुआ था। 
 

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चिली: 10 मिनट के झटके ने 12 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली - फोटो : सोशल मीडिया
3. चिली: 10 मिनट के झटके ने 12 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली
22 मई, 1960 में चिली के बाल्डिविया में आए भूकंप ने कई देशों को दहला दिया था। इस भूकंप की तीव्रता 9.5 मापी गई थी। इससे उठी सुनामी लहरों ने चिली समेत जापान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी भारी तबाही मचाई थी। अकेले चिली में 12 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी। वहीं, जापान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी करीब 20 हजार लोगों की जान गई थी। 
 
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अमेरिका में चार मिनट के अंदर 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी - फोटो : सोशल मीडिया
4. अमेरिका में चार मिनट के अंदर 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी
27 मार्च 1964 को अमेरिका के अलास्का में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। चार मिनट तक लगातार धरती हिलती रही। इससे अलास्का का पूरा नक्शा ही बदल गया था। ताश के पत्तों की तरह लाखों घर बिखर गए। इसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि आठ हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 
 
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श्रीलंका में भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
5. श्रीलंका और भारत में आए भूकंप ने मचा दी थी तबाही 
26 दिसंबर 2004 को श्रीलंका में आए भूकंप का असर दक्षिण भारत के राज्यों पर भी देखने को मिला था। अकेले श्रीलंका में 10 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस भूकंप की तीव्रता 9.2 मापी गई थी। भूकंप के चलते समुद्र में सुनामी आ गई थी, जिससे श्रीलंका के कई तटवर्ती शहर तबाह हो गए थे। भारत में भी समुद्र तट से लगे शहरों में भारी नुकसान हुआ था। इस भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था। भारत में करीब पांच हजार लोगों की मौत हुई थी। 
 
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इंडोनेशिया में भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
6. इंडोनेशिया में आए भूकंप में सैकड़ों घर तबाह हो गए थे   
11 अप्रैल 2012 को सुमात्रा, इंडोनेशिया में आए भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी। इसकी तीव्रता 8.6 मापी गई थी। इसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, लेकिन सैकड़ों की संख्या में घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।  
 

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गुजरात में भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
7. गुजरात में 30 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे
भारत के कच्छ भुज में 26 जनवरी 2001 को आए भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी। इस भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। इसने गुजरात में भयंकर तबाही मचाई थी। कच्छ और भुज में 30 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। वहीं डेढ़ लाख से ज्यादा लोग घायल हुए थे। भूकंप के चलते पूरे गुजरात में चार लाख से ज्यादा घर ढह गए थे। इसका असर पाकिस्तान में भी देखने को मिला था। 
 

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पाकिस्तान में भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
8. क्वेटा में आए भूकंप ने 60 हजार लोगों की जान ले ली थी
ये बात 31 मई 1935 की है। तब भारत का विभाजन नहीं हुआ था। उस दौरान बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई थी। इस दौरान करीब 60 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो लाख से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। भूकंप के चलते तीन लाख से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए थे।
 

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पीओके में भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
9. पीओके में भूकंप ने मचाई थी तबाही
2005 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भूकंप के झटकों ने भारी तबाही मचाई थी। मुजफ्फराबाद में आए भूकंप का असर बालाकोट, खैबर पख्तूनख्वा और भारतीय क्षेत्र तक देखने को मिला था। उस दौरान पीओके में 86 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी। दो लाख से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 
 
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हैती में तीन लाख से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत - फोटो : सोशल मीडिया
10. हैती में तीन लाख से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत 
12 जनवरी 2010 को हैती में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 मापी गई थी। इस भूकंप में सबसे ज्यादा तबाही राजधानी पोर्ट ऑफ प्रिंस में हुई थी। भूकंप के बाद भी 50 से ज्यादा झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप में करीब तीन लाख लोगों की मौत हुई थी।
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