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'विकास की जलधारा' पर चला गंगा विलास: PM MODI ने दिखाई हरी झंडी तो सैलानियों संग झूमे लोग, देखें तस्वीरें

Fri, 13 Jan 2023 10:58 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा विलास क्रूज की रवानगी से पहले वाराणसी के रविदास घाट पर आयोजन - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाई, घाट से लेकर गंगा विलास के तीनों डेक पर हर-हर महादेव... का जयघोष गूंज उठा। डमरू और शंख की निनाद के साथ ही लोकनृत्य ने पूरे माहौल में उत्सवी रंग घोल दिए। संत रविदास घाट के इस नजारे को देश ही नहीं पूरी दुनिया ने सोशल मीडिया के जरिये निहारा।  शुक्रवार को वाराणसी से दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा पर गंगा विलास क्रूज रवाना हो गया। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार सुबह 11.20 बजे रविदास घाट से एमवी गंगा विलास क्रूज और मालवाहक जलयान को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर गाजीपुर व बलिया में बनी चार फ्लोटिंग जेटी का बटन दबाकर उद्घाटन किया। गंगा विलास क्रूज ने रवानगी से पहले जैसे ही सीटी बजाई, पर्यटकों के साथ ही जनता का जोश देखते बना। घाट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हाथ हिलाकर गंगा विलास के 31 पर्यटकों को रवाना किया तो काशी की जनता ने समवेत स्वर से हर-हर महादेव.... का जयघोष किया। 
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गंगा विलास क्रूज की रवानगी से पहले वाराणसी के रविदास घाट पर आयोजन - फोटो : अमर उजाला
हर-हर महादेव की प्रतिध्वनि गंगा विलास के तीनों डेक से भी वापस आ रही थी। हर किसी के चेहरे पर काशी से डिब्रूगढ़ की रोमांचक यात्रा का उल्लास साफ नजर आ रहा था। काशीवासियों का भी उत्साह कम नहीं था। हर कोई गंगा विलास को नजदीक से देखने और उसके साथ सेल्फी लेने को आतुर था।
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गंगा विलास क्रूज की रवानगी से पहले वाराणसी के रविदास घाट पर आयोजन - फोटो : अमर उजाला
राजघाट पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। इस मौके पर अयोध्या और मिर्जापुर के लोक कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। मौके पर पहुंचे लोक कलाकारों के साथ भी लोगों ने खूब सेल्फी ली। फैजाबाद के लोक कलाकारों ने फरूवाही, मिर्जापुर के कलाकारों ने लोकनृत्य चौलर और वाराणसी की टीम ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। 

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गंगा विलास क्रूज - फोटो : अमर उजाला
रविदास घाट से शुक्रवार को 31 सैलानियों को लेकर रवाना हुए गंगा विलास ने देर शाम जमनिया में लंगर डाल दिया है। बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते यह क्रूज बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश करेगा। इस यात्रा के जरिये भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता में शामिल होने का अवसर मिलेगा। 
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गंगा विलास क्रूज की रवानगी से पहले वाराणसी के रविदास घाट पर आयोजन - फोटो : अमर उजाला
गंगा विलास क्रूज की रवानगी और टेंट सिटी के लोकार्पण समारोह में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी बंदरगाह से काशी को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। साथ ही कहा कि काशी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। गंगा विलास क्रूज ने इसे और विस्तार दिया है। इस क्रूज की अगले दो वर्षों की एडवांस बुकिंग इसका जीवंत प्रमाण है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गंगा में बन रहा राष्ट्रीय जलमार्ग पूरे देश के लिए मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। नदी जल मार्ग अब भारत की नई ताकत बनेगा। गंगा विलास क्रूज काशी से डिब्रूगढ़ के बीच विकास की एक नई लकीर खींचेगा। यह क्रूज जहां-जहां से गुजरेगा, वहां विकास की नया मार्ग तैयार होगा। 
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गंगा विलास क्रूज को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी - फोटो : एएनआई
यह क्रूज 3200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। राष्ट्रीय जलमार्ग अब ट्रांसपोर्ट, ट्रेड व टूरिज्म का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम को एक हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है। 
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गंगा विलास क्रूज की रवानगी से पहले वाराणसी के रविदास घाट पर आयोजन - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब 24 राज्यों में 111 जलमार्गों को विकसित करने का काम चल रहा है। 24 जलमार्गों पर सुविधाएं मिल रही हैं। 2014 से पहले जलमार्ग का प्रयोग बहुत कम होता था। ये हाल तब था, जब जलमार्ग का पुरातन इतिहास सुनहरा रहा है। आठ वर्ष पहले तक 30 लाख मीट्रिक टन कार्गो ही नदी जलमार्गों से ट्रांसपोर्ट होता था। अब क्षमता तीन गुना से ज्यादा हो चुकी है। 
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