सांकेतिक तस्वीर
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विश्व के रामलीला कलाकारों को भी जाएगी मुखौटों की भेंट
दुनिया के कई देशों में राम की कथाएं अलग-अलग नाम से प्रचलित हैं। चीन में द बुश, जापान में होबोत्सुरा, थाईलैंड में राकियेन, म्यांमार में रामवस्तु, कंबोडिया में रामकेर, फिलीपींस में महारदिया लदाना, मलयेशिया में मलय रामायण, मंगोलिया में राजा जीवक, श्रीलंका में जानकीहरण और रूस में वाल्मीकी रामायण के नाम से राम कथाएं होती हैं। काशी घाटवॉक की ओर से इन सभी देशों के रामलीला कलाकारों को मुखौटे के सेट भेंट किए जाएंगे।
तुलसीदास सम्मान की राशि से बन रहे मुखौटे
डॉ. बीएन मिश्रा ने बताया कि रामचरित मानस की पांडुलिपियां कृति पर उन्हें गोस्वामी तुलसीदास सम्मान मिला था। उसकी जो सम्मान राशि ढाई लाख रुपये मिले हैं उन्हीं रुपयों से यह मुखौटे प्रदान किए जा रहे हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी की ही यह प्रेरणा है जो हम लोगों ने घर-घर रामलीला पहुंचाने का संकल्प लिया है।