मनोज सिंह, भाजपा प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा वर्ष 1962 से जीत का स्वाद चखना चाह रही है, लेकिन अभी तक जीत नसीब नहीं हुई है। पार्टी को अब तक यहां जीत नहीं मिली है। वर्ष 1962 में कुंवर श्रीपाल सिंह को जरूर जीत मिली थी, मगर तब यह रारी विधानसभा सीट थी। 1962 के बाद से कभी भी भगवा खेमे में जीत की खुशी नहीं दौड़ी। मगर तब यह रारी विधानसभा सीट थी। इस बार उपचुनाव में भाजपा ने मनोज सिंह पर दांव लगाया, लेकिन उन्हें सिर्फ 28840 वोट मिले और जमानत भी नहीं बचा सके।