पुरातन काया में निखर रही नई काशी की झलक हो या फिर घाटों के संरक्षण और काशी के सर्वांगीण विकास की तस्वीर...। यह सब बीएचयू दृश्य कला संकाय में लगने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी में आपको देखने को मिलेगी। बनारस के अलावा वन्य जीवों के संरक्षण का संदेश देती प्रदर्शनी पर्यटन के साथ ही वन्य जीवों को संरक्षित करने के प्रति जागरूक करेगी।
अमर उजाला की ओर से बीएचयू दृश्य कला संकाय के सहयोग से दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी लगाई जा रही है। तीन और चार दिसंबर को काशी की विरासत से जुड़ी आकर्षक कलाकृतियां भी देखने को मिलेंगी। घाटों के सौंदर्य, सुबह-ए-बनारस, काशी की गलियों के साथ ही वन्य जीवों पर आधारित तस्वीरें भी लगाई जाएंगी।
संकाय की वीथिका में प्रदर्शनी का उद्घाटन तीन दिसंबर को किया जाएगा। डीन प्रो. हीरालाल प्रजापति और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उत्तमा दीक्षित प्रदर्शनी का संयोजन कर रही हैं। इसमें बनारस के वरिष्ठ फोटोग्राफर, बीएचयू और काशी विद्यापीठ के छात्रों के साथ ही कुछ युवा कलाकार भी शामिल होंगे। प्रदर्शनी के जरिये बनारस की कला, संस्कृति, धरोहर, गंगा, घाट, बाबा विश्वनाथ और परंपराओं को दर्शाया जाएगा। विनय रावल, मनीष खत्री और शशिकांत नाग इसमें सहयोग कर रहे हैं।