श्री काशी विद्वत परिषद ने 25 अक्तूबर को पड़ने वाले सूर्यग्रहण पर शास्त्रीय चर्चा की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट मंदिर की परंपरा के अनुसार ग्रहण आरंभ होने के डेढ़ घंटा पूर्व बंद किए जाएंगे। संगठन मंत्री प्रो. विनय कुमार पांडेय ने धर्म ग्रंथों का उदाहरण देते हुए बताया कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या, मंगलवार 25 अक्तूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण ग्रस्तास्त सूर्यग्रहण है।
ग्रहण का स्पर्श भारतीय मानक समयानुसार सायं काल 4:22 से तथा ग्रहण का मोक्ष सूर्यास्त के बाद हो रहा है। अत: इसे ग्रस्तास्त सूर्यग्रहण की संज्ञा से जाना जाएगा। सूर्य ग्रहण के आरंभ होने के 12 घंटे पूर्व ही सूर्य ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाता है।