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Surya Grahan: ग्रहण आरंभ होने से कितने घंटे पहले बंद होंगे काशी के मंदिर, जानिए सिर्फ एक क्लिक में

Sat, 22 Oct 2022 11:01 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सूर्यग्रहण - फोटो : iStock
श्री काशी विद्वत परिषद ने 25 अक्तूबर को पड़ने वाले सूर्यग्रहण पर शास्त्रीय चर्चा की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट मंदिर की परंपरा के अनुसार ग्रहण आरंभ होने के डेढ़ घंटा पूर्व बंद किए जाएंगे। संगठन मंत्री प्रो. विनय कुमार पांडेय ने धर्म ग्रंथों का उदाहरण देते हुए बताया कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या, मंगलवार 25 अक्तूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण ग्रस्तास्त सूर्यग्रहण है।

ग्रहण का स्पर्श भारतीय मानक समयानुसार सायं काल 4:22 से तथा ग्रहण का मोक्ष सूर्यास्त के बाद हो रहा है। अत: इसे ग्रस्तास्त सूर्यग्रहण की संज्ञा से जाना जाएगा। सूर्य ग्रहण के आरंभ होने के 12 घंटे पूर्व ही सूर्य ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाता है।
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काशी विश्वनाथ मंदिर की स्वर्णिम आभा - फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की परंपरा में ग्रहणारंभ काल से एक या 1:30 घंटे पूर्व मंदिर का कपाट बंद करने की परंपरा रही है। 26 अक्तूबर को प्रात: 6:02 पर मंदिर का कपाट खोलकर पुन: भगवान का पूजन आरती भोग इत्यादि संपन्न करना चाहिए। 
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बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
दीपावली के अगले दिन 25 अक्तूबर की दोपहर 12 से अगले दिन सुबह 6.02 बजे तक बीएचयू विश्वनाथ मंदिर बंद रहेगा। श्री विश्वनाथ मंदिर के मानित व्यवस्थापक प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि मंदिर की साफ-सफाई के बाद उसे दर्शनार्थियों के दर्शन-पूजन के लिए 26 अक्तूबर सुबह सात बजे खोला जाएगा।

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संकट मोचन मंदिर
संकटमोचन मंदिर के विनय पांडेय ने बताया कि 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण भोर में मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। शाम को मोक्ष के बाद फिर से कपाट खुलेंगे।
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सूर्य ग्रहण - फोटो : istock
 दीपावली के अगले दिन सूर्यग्रहण और देवदीपावली पर भी चंद्रग्रहण लग रहा है। पखवाड़े के भीतर दो ग्रहण की खगोलीय घटना के प्रभाव पर विमर्श के लिए वैदिक बीते दिनों एजुकेशनल रिसर्च सोसायटी की ओर से आयोजित परिचर्चा में विद्वानों ने कहा कि पखवाड़े में दो ग्रहण विश्व के लिए शुभ नहीं है। महाभारत काल में भी 15 दिन में दो सूर्यग्रहण लगा था। 
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