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Shubh Muhurut: शहनाइयों की गूंज के साथ बढ़ेगा कारोबार, बनारस के कारोबारियों को पुराने रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद

Thu, 10 Nov 2022 03:35 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सहालग नजदीक आते ही बाजार में बढ़ी खरीदारी - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में कारोबार में छाई मंदी को त्योहारी सीजन ने वैक्सीन की तरह काम कर काफी हद तक उबार दिया है। दिवाली का सीजन खत्म हो चुका है और अब शादियों के सीजन की बारी है। सहालग नजदीक आते ही बाजार की रौनक बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि सहालग बाजार के लिए बूस्टर डोज का काम करेगा। अभी तक हुई खरीदारी को देखकर कारोबारी पुराने रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद जता रहे हैं।  

हाल ही में कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की शोध शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा कुछ शहरों में व्यापारियों एवं सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच सर्वे कराया गया था। पूर्वांचल में 21 हजार करोड़ व बनारस में तीन हजार करोड़ के व्यापार की संभावना जताई है। 24 नवंबर से सहालग शुरू हो रहे हैं। यह 14 दिसंबर तक चलेंगे। ऐसे में खरीदारी भी बढ़ी है। रथयात्रा, गुरुबाग, लक्सा, गोदौलिया, महमूरगंज, अर्दली बाजार, चौक बाजार में भीड़ उमड़ रही है।
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- फोटो : istock
कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने बताया कि शादियों का सीजन देश में एक बड़े व्यापार का रूप ले चुका है। शादी में सामान की खरीदारी के अलावा अनेक प्रकार की सर्विस को भी बड़ा व्यापार मिलता है। इन सभी सर्विस के कारोबार की बात करें तो देश में एक महीने के शादी के सीजन में लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये का धन प्रवाह हो सकता है।
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ज्वेलरी की खरीदारी - फोटो : अमर उजाला।
हल्के वजन में रजवाड़ा, टेंपल ज्वेलरी
सराफा कारोबारी अमित अग्रवाल ने बताया कि गलिया स्टाइल, हैवी रजवाड़ा ज्वेलरी और दक्षिण भारत की टेंपल ज्वेलरी डिजाइन हल्के वजन में है। 10 से 50 ग्राम में कई डिजाइन के गहने बाजार में है। जिन पर परंपरागत डिजाइन देखने को मिलेगी। वजन कम होने से इनकी कीमत में भी अंतर आया है। नई नवेली दुल्हनें भी इस तरह की ज्वेलरी को अब बड़े शौक से पहन सकेंगी।

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आभूषण देखती युवती - फोटो : अमर उजाला
मशीन और हैंडमेड ज्वेलरी बढ़ाएगी खूबसूरती
बारीक काम और महीन डिजाइन की सुंदर-सुंदर ज्वेलरी अभी तक मशीन से तैयार हो रही थी। अब कारीगर हाथ से भी मशीन जैसी महीन काम की कारीगरी कर दिखा रहे हैं। कॉर्नर कट, सिक्स कॉर्नर, फ्लावर कट, डॉट वर्क की महीन काम वाली ज्वेलरी भी हाथ से बन रही है। इसमें नेकलेस, चोकर, रानी हार, नोज पिन, नथनी, फिंगर रिंग, चेन, टीका, चूड़ियां, कंगन तैयार कराए जा रहे हैं।
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त्योहार और सहालग में खरीदारी का दौर शुरू - फोटो : अमर उजाला
शादियों में लगा मैचिंग का तड़का
कारोबारी मयंक अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना काल में कपड़ा कारोबार को काफी नुकसान हुआ था। त्योहार और सहालग में खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। शादी, पार्टी के लिए साड़ी की डिमांड अधिक है। ऐसे में कारोबार में घाटे से उबरने की उम्मीद है। दूल्हा व दुल्हन के परिधानों की बात करें तो इस समय ट्विनिंग का फैशन सबसे ज्यादा चल रहा है। दोनों एक ही कलर व डिजाइन के मैचिंग परिधान पहन रहे हैं।
 
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