फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#MeToo कैंपेन पर शबाना आजमी ने तोड़ी चुप्पी, बनारस में दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

Sat, 03 Nov 2018 08:29 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 7
shabana azmi - फोटो : अमर उजाला


दुनिया भर में चल रहा मी टू कैंपेन बीते करीब एक साल से भारत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। तब से ही छोटे-मोटे खुलासों के होते रहने के कारण लगातार बयानवाजी भी होती रही। शुक्रवार को वाराणसी पहुंची मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने मीडिया से हुई बातचीत के दौरान मी टू कैंपेन पर अपनी बात खुल कर रखी। आगे की स्लाइड्स में जानिए....

 
विज्ञापन

2 of 7
shabana azmi - फोटो : अमर उजाला
 मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी का कहना है कि औरतों के लिए बहुत जरूरी है कि जहां वे काम करती हैं, वह जगह सुरक्षित हो। महिलाएं अपना काम बगैर किसी डर के करें। एक कार्यक्रम के सिलसिले से बनारस आईं शबाना आजमी ने बॉलीवुड में ‘मीटू’ कैंपेन के सवाल पर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्क प्लेस पर महिलाओं का उत्पीड़न होता है और बॉलीवुड इससे कहीं भी अछूता नहीं है। 

 
विज्ञापन

3 of 7
shabana azmi - फोटो : अमर उजाला
शबाना आजमी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री एकजुट हुई और इस सिलसिले में सख्त कदम उठाए हैं। पीडि़तों के पक्ष में लोग खड़े हुए। कई निर्देशकों को इस वजह से फिल्में छोड़नी पड़ीं। एक तरह से देश के सामने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक मिसाल कायम की है। महिलाओं के रोजगार और उनकी शिक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज जरूरी है कि गांव की महिलाएं सशक्त हों। उनके पास रोजगार होगा तो उनकी जिंदगी में तब्दीली आएगी। रोजगार के साथ आत्मसम्मन भी जागता है। वो अपनी अहमियत समझेंगी। 

 

4 of 7
shabana azmi - फोटो : अमर उजाला

राम मंदिर के मुद्दे पर शबाना आजमी ने कहा कि मुझे मंदिर मस्जिद की बात पर कोई हैरानी नहीं होती। आज का राजनीतिक माहौल ही ऐसा है कि सांप्रदायिक मुद्दों को आगे लाया जाता है। ये देश के लिए नुकसानदेय है। आज की लड़ाई हिंदु मुस्लिम के बीच नहीं विचारधारा की है। एक लड़ाई लिबरल और प्रोग्रेसिव बनाती है, दूसरी कट्टरपंथ की तरफ लेकर जाती है। इससे हमें निकलना चाहिए। 

 
विज्ञापन

5 of 7
varanasi - फोटो : अमर उजाला
एक हिंदू को ये फैसला करना है कि वो विवेकानंद के हिंदुत्व को मानते हैं या फिर उनकी जो धर्म के नाम लोगों को बांटते हैं। इसी तरह मुसलमानों को तय करना होगा कि वो मौलाना आजाद की बात सुनना पसंद करते हैं या किसी कट्टरपंथी की। 
 
विज्ञापन

6 of 7
घर आईं शबाना का सावन गीतों से स्वागत - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के  चौबेपुर में महिला सशक्तीकरण अभियान के तहत चौपाल कार्यक्रम में शबाना आजमी ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आर्थिक रूप से मजबूत बनकर समाज में क्रांति लाएं। शुक्रवार शाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन क्लस्टर मिशन के अंतर्गत इस कार्यक्रम में महिलाओं को गांवों में चल रहे कढ़ाई, सिलाई, बुनाई केन्द्रों से मेहनत कर स्वावलंबी बनाने पर बल दिया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
shabana azmi
फिल्म नीरजा के बाद शबाना आजमी की अगली फिल्म ‘पांच रुपया’ अगले महीने दिसंबर में रिलीज होने जा रही है। ये फिल्म कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास ‘ईदगाह’ पर बनी है। इसमें शबाना आजमी हामिद की दादी ‘आमिना’ के किरदार में नजर आएंगी। पीयूष चंद्रकांत इसके निर्देशक हैं। इसके अलावा शबाना आजमी हॉट स्टार के लिए एक टीवी सीरियल भी कर रही हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें