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Kashi Vishwanath Dham: यादव बंधुओं ने निभाई 90 साल से चली आ रही जलाभिषेक की परंपरा, तस्वीरों में देखें विहंगम नजारा

Mon, 18 Jul 2022 02:24 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
सावन के पहले सोमवार को यादव बंधुओं ने 90 साल से चली आ रही बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की परंपरा का पूरे उत्साह के साथ निर्वहन किया। देश भर से यादव बंधु बाबा के जलाभिषेक के लिए बनारस पहुंचे। कोरोना के चलते दो साल बाद यादव बंधुओं के जलाभिषेक में पुरानी रौनक लौटी। यदुवंशियों का भक्ति भाव देख कर रास्ते में मौजूद लोग भी श्रद्धापूर्वक हाथ उठा कर हर-हर महादेव का उद्घोष करते दिखे।

नंगे पैर कंधे पर गंगा जल का मटका लिए यदुवंशियों का रेला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यादव समाज का पीतल ध्वज और डमरू बजाते युवकों के दल को देख रास्ते भर हर हर महादेव का उद्घोष होता रहा। इस दौरान कई मौकों पर विहंगम नजारा दिखा। इधर, काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में जाने से रोकने पर यादव समाज के लोगों ने धरना दे दिया। करीब एक घंटे बाद जिला प्रशासन को पांच यदुवंशियों को गर्भगृह में प्रवेश करने दिया।  बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए धाम के रास्ते से ही यादव समाज के लोग ललिता घाट पहुंचे और  वहां से जल लेकर वापस काशी विश्वनाथ धाम के रास्ते से बाहर निकले। नीचे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
भारत में वर्ष 1932 में घोर अकाल के दौरान यहां के यदुवंशियों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया था। जलाभिषेक होते ही बारिश शुरू हुई और लगातार तीन दिनों तक होती रही। तभी से हर साल यदुवंशी समाज सावन के पहले सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करता है। 
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
यादव बंधु मानमंदिर घाट से जल लेकर डेढ़सीपुल, साक्षीविनायक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के बाद विश्वनाथ धाम से ललिता घाट पहुंचे। 

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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले जुटे हजारों यादव बंधुओं ने श्री गौरी केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर यात्रा शुरू की। जो अपने पारंपरिक मार्गों से होते हुए तिलभाण्डेश्वर महादेव, शीतला माता अहिल्येश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। 
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
ललिता घाट से जल लेकर यदुवंशी समाज के लोग महामृत्युंजय मंदिर की ओर रवाना हुए। यदुवंशी समाज की वार्षिक कलश यात्रा केदार घाट के गौरी केदारेश्वर मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव, दशाश्वमेध स्थित शीतला मंदिर, आह्लादेश्वर महादेव,  काशी विश्वनाथ, महामृत्युंजय, त्रिलोचन महादेव, ओमकारेश्वर महादेव के बाद लाट भैरव पर पहुंचकर पूर्ण होती है।
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के प्रथम सोमवार को यादव बंधुओं द्वारा जलाभिषेक की परंपरा है। गोप सेवा समिति वर्ष 1932 से परंपरा का निर्वहन करती आ रही है। नौ शिवालयों में जलाभिषेक निरंतर किया जा रहा है। 
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव का कहना है कि सन 1932 में पड़े अकाल के समय बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की परंपरा शुरू हुई थी। तब से अब तक इस परंपरा का निर्वहन निरंतर जारी है। इस परंपरा की शुरुआत पांच यदुवंशियों ने की थी। 
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव ने बताया कि कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने यदुवंशी समाज से सिंधिया घाट पर जल लेने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन समिति के पदाधिकारी अपनी परंपरा से समझौता करने के लिए तैयार नहीं थे। 
 
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