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बनारस में मकान की छत ढही: तेज धमाका और पलभर में जमींदोज हुई छत, मंजर देख सहम गए लोग

Fri, 16 Dec 2022 12:51 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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जंगमबाड़ी मोहल्ले में तेज धमाके के साथ गिरी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में गोदौलिया के पास जंगमबाड़ी में गुरुवार रात जर्जर एक मंजिला मकान की छह तेज धमाके के साथ ढह गई। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। छत ढहने की घटना के बाद सुरक्षित बचे परिजनों के चेहरे पर मौत का खौफ साफ-साफ दिखा। मौके पर पहुंचे लोग भी मंजर देख सहम गए। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय लोगों को लगा कि जैसे भूकंप आ गया। मकान से निकलकर लोग गली में भाग कर आए। ध्यान ही नहीं था कि बेबी वर्मा भी अंदर है।

कुछ देर के बाद जब लोगों को होश आया कि बेबी भी अंदर है तो चीख पुकार मच गई। हालांकि मकान के अंदर किसी की जाने की हिम्मत नहीं हुई। एनडीआरएफ ने पूरे मकान को अपने कब्जे में ले लिया था और जवानों ने चेन बनाकर मलबे को गली से बाहर निकलवाया। एसीपी अवधेश पांडेय, थानाध्यक्ष अजय मिश्रा और अन्य पुलिसकर्मियों, एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट रवि सिंह की अगुवाई में टीम मौजूद रही। एनडीआरएफ ने आशंका जताई कि रसोई गैस लीकेज से सिलिंडर फटने से ही हादसा हुआ।
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जंगमबाड़ी मोहल्ले में तेज धमाके के साथ गिरी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि मौके पर गैस की दुर्गंध आ रही थी। मलबा आदि हटने के बाद घटना की जांच में कारण की जानकारी पता लग पाएगी। मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों से भी बात की गई है। जर्जर मकानों पर कार्रवाई के लिए नगर निगम को निर्देश दिया जाएगा।
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जंगमबाड़ी मोहल्ले में तेज धमाके के साथ गिरी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
खारी कुआं स्थित बाइक मैकेनिक का काम करने वाले बेटे दीपक वर्मा को किसी ने यह जानकारी दी तो वह बदहवाश हाल में घर पहुंचा और मां की खोजबीन के लिए वह बार-बार मलबे की ओर जा रहा था। जहां, मौजूद पुलिसकर्मी उसे रोक दे रहे थे। इसे लेकर पुलिस और एनडीआरएफ जवानों के साथ कई बार झड़प भी हुई। हालांकि परिवार और अन्य पड़ोसियों के समझाने पर वह माना। मां जब मरनासन्न हाल में जब मलबे से बाहर निकाली गई तो वह बेसुध हो गया।

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जंगमबाड़ी मोहल्ले में तेज धमाके के साथ गिरी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
र के पास ही काली मंदिर में पूजा करके बेबी वर्मा मकान पर लौटी थी। जबकि अन्य परिजन दूसरे कमरे में टीवी देख रहे थे। जैसे ही हादसा हुआ तो परिजन तुरंत बाहर की ओर भागे। इस बीच मलबे के कुछ हिस्से छिटककर संजय, सावित्री और किरण, मानसी को भी लगे। 
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
 वहीं, बेबी वर्मा के ऊपर छत की पटिया ही गिर गई। सिर पर पटिया गिरने से वह दब गई। एनडीआरएफ ने जब मलबे से शव बाहर निकाला तो बेबी वर्मा की सिर से गर्दन तक एक हिस्सा टेढ़ा था।  
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मलबे को हटाते एनडीआरएफ कर्मी - फोटो : अमर उजाला
जंगमबाड़ी में स्वर्गीय तारा देवी की चार बेटियों का मकान है। आगे दो मंजिला और पीछे एक मंजिला मकान है। पीछे वाले एक मंजिला मकान में ही बेबी वर्मा रहती थी। मकान और संपत्ति को लेकर भी पूर्व में विवाद था। उसकी कीमत भी चार से पांच करोड़ रुपये पहले लगाई गई थी। कब्जे के विवाद के चलते ही परिवार जर्जर मकान में रह रहा था।
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जंगमबाड़ी मोहल्ले में तेज धमाके के साथ गिरी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी शहर में 400 से ज्यादा जर्जर मकान नगर निगम ने चिन्हित किए हैं और उन्हें ढहाने के लिए कई बार कवायद भी की गई। मगर, अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह मकान वर्षों से जस के तस खड़े हैं। 
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और लोग। - फोटो : अमर उजाला
पिछले कई हादसों के बाद नगर निगम जर्जर मकानों को नए सिरे से चिन्हित करने और पहले से जर्जर घोषित मकानों के ध्वस्तीकरण में लापरवाह रुख अपनाए है। शहर में कोतवाली जोन में 187, दशाश्वमेध में 142, वरुणा पार में 40, आदमपुर में 18 और भेलूपुर में 13 जर्जर मकान चिन्हित हैं।
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