नई तकनीक और इनोवेशन के लिए 36 घंटे तक चलने वाले ‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2018’ के ग्रैंड फिनाले की शुरुआत शुक्रवार से बीएचयू में हो गई। रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रतिभागियों से रूबरू हुए। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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देश भर में 43 कॉलेज ने लिया हिस्सा, 36 घंटों तक चलेगा ये मैराथन
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‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2018’ के ग्रैंड फिनाले में रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रतिभागियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि आपका ‘इनोवेशन कोशेंट’ ही राष्ट्र की प्रगति को दर्शाएगा। उन्होंने युवाओं से न्यू इंडिया विजन को साकार करने का आह्वान किया।
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से भावी इंजीनियर्स जुटे समाधान में
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पीएम मोदी ने इनोवेशन पर जोर देते हुए आईपीपीपी का मूल मंत्र दिया यानी इनोवेट, पेटेंट, प्रोड्यूस और प्रॉस्पर। उन्होंने कहा कि ये चार चीजें हमारे देश के विकास की गति को बढ़ाएंगी। हम इनोवेशन करें, इनोवेशन को पेटेंट कराएं। इससे उत्पादन ऊर्जा को गति मिलेगी और इससे हम संपन्न होंगे। हां ये ख्याल रहे कि इनोवेशन जरूरत के लिए हो, लालच के लिए नहीं।
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प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग में बीएचयू में प्रतिभाग कर रही तमिलनाडु की छात्रा को प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का मौका मिला। उसने पूछा कि क्या नदियों को जोड़ा जा सकता है? पीएम मोदी ने जवाब दिया, ‘हां, हम नदियों को जोड़ सकते हैं।’ उन्होंने नर्मदा का उदाहरण देते हुए बताया कि नर्मदा से 21 नदियों को जोड़ा गया है।
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अपनी तकनीकी उड़ान के जरिए नदियों और जल संरक्षण की चुनौतियों का हल ढूंढने में युवा जुट गए हैं। नई तकनीक और आविष्कार के लिए 36 घंटे तक चलने वाले ‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2018’ की शुरुआत शुक्रवार से हो गई। मोबाइल और इंटरनेट के जरिये इन चुनौतियों का हल ये युवा सुझाएंगे। इसकी खातिर मोबाइल एप्लीकेशन, पोर्टल, वेबसाइट बनाने के लिए देश भर के 43 कॉलेजाें के 258 युवा प्रतिभागी यहां आए हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से भावी इंजीनियर्स जुटे समाधान में
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बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान के इंडोर ऑडिटोरियम में वे अपने 86 मेंटर के निर्देशन में तकनीकी ज्ञान के जरिये इनका समाधान ढूंढने में लगे रहे। कोई भूजल में आर्सेनिक की मात्रा ढूंढने वाला एप्लीकेशन तैयार करने में जुटा रहा तो कोई जल की गुणवत्ता का पता लगाने वाले सॉफ्टवेयर को ईजाद करने में।