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Kashi Vishwanath Dham: सात दशक में पहली बार बाबा के दरबार का कायाकल्प, पीएम मोदी ने 2019 में किया था शिलान्यास

Mon, 13 Dec 2021 09:53 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Kashi Vishwanath Dham - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब पूर्णता की तरफ है। प्रधानमंत्री मोदी धाम का लोकार्पण करने के लिए काशी पहुंचे हैं। इसके लोकार्पण को अलौकिक, अद्भुत और अकल्पनीय बनाने में योगी आदित्यनाथ सरकार जुटी है ताकि बदलते भारत की नई तस्वीर पूरी दुनिया देख सके।

आजादी के बाद सात दशक में पहली बार पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ मंदिर के कायाकल्प का शिलान्यास किया था। गंगा से काशी विश्वनाथ धाम के एकाकार के लिए पीएम मोदी की पहल पर शुरू हुए काशीपुराधिपति के इस परिसर में अब भक्तों को बाबा के दर्शन के लिए सड़क पर इंतजार नहीं करना होगा। लाखों की भीड़ अब मंदिर परिसर में ही कतारबद्ध हो सकेगी। दुनियाभर के शिवभक्तों के आस्था का केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार तीसरी बार हुआ है। 

श्री काशी विश्वनाथ का धाम लोकार्पण के लिए सजधजकर तैयार हो चुका है। देश में 51 हजार जगहों पर इसके सीधे प्रसारण को देखने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कई देशों में संपूर्ण आयोजन की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।
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Kashi Vishwanath Dham - फोटो : अमर उजाला
इतिहासकारों के अनुसार पहली बार 436 साल पहले वर्ष 1558 में बनारस के व्यापारी रघुनाथ पंडित (टोडरमल) ने काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प किया था। इसके बाद 1777 में रानी अहिल्याबाई होलकर ने विश्वनाथ धाम के तीन साल पहले के स्वरूप की परिकल्पना की थी और पूरे परिसर का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद आठ मार्च 2019 को पीएम  मोदी ने भव्य काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। 
 
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Kashi Vishwanath Dham - फोटो : Kashi Vishwanath corridor
आजादी के बाद सात दशक में पहली बार बने विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह तक जाने के लिए चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इनके नाम मुख्य मार्ग के आधार पर रखे गए हैं। 

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Kashi Vishwanath Dham - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में 24 भवन तैयार हैं। विश्राम गृह, म्यूजियम, सिक्योरिटी हाल व पुस्तकालय भी बन रहे हैं। पूरा कॉरिडोर 5.2 लाख वर्ग फीट में बन रहा है। कॉरिडोर में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर समेत 7 विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। 
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
54 हजार वर्गमीटर में विकसित काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश करने के बाद श्रद्धालुओं को किसी भी जरूरत के लिए भटकना नहीं होगा। काशी की पूरी परिकल्पना को साकार कर रहे इस इस धाम में जीवन से लेकर मोक्ष तक का धार्मिक प्रायोजन मिलेगा। गंगा से जल लेकर मंदिर तक पहुंचने के बीच शिवभक्त कई अनुभवों से गुजरेंगे। स्नान से पहले से लेकर दर्शन के बाद तक की सभी सुविधाओं को धाम में ही प्राप्त कर पाएंगे।
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
देशभर के शिवभक्तों की सहूलियत के लिए काशी विश्वनाथ धाम में सभी प्रदेशों के पर्यटन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। ताकि प्रत्येक प्रदेश के श्रद्धालुओं को स्थानीय भाषा सहित अन्य पर्यटन का लाभ मिल सके। इसके लिए यात्री सुविधा केंद्र में ही सभी प्रदेशों के लिए स्थान आवंटित किया जाएगा।
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित मंदिर चौक पर बनी गंगा व्यू गैलरी से एक तरफ भक्तों को बाबा विश्वनाथ का दरबार दिखेगा तो दूसरी तरफ गंगा की अविरल धारा निहार सकेेंगे। जलासेन और मणिकर्णिका के बीच बने भव्य द्वार से प्रवेश करने वाले भक्त काशी विश्वनाथ धाम के मध्य स्थित मंदिर चौक से काशीपुराधिपति की चौखट के साथ गंगा के भी साक्षात दर्शन कर सकेंगे। 

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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
कॉरिडोर लोकार्पण के बाद काशी में पर्यटकों की जुटान ऐसी होगी कि आम दिनों में पहुंचने वाले भक्तों से कहीं अधिक होगी। धाम से जुड़े लोगों के अनुसार वर्षों बाद ऐसा हो पाया कि काशीपुराधिपति और मां गंगा का दर्शन एक साथ हुआ। 

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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को भव्यता के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का अहसास होगा। बाबा का दर्शन करने आने वाले दिव्यांग और बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं रहेंगी। यहां रैंप और एस्केलेटर भी बनवाया गया है, जिससे कि दूर दराज से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के बाबा दरबार तक पहुंच सके। इसके अलावा यहां लिफ्ट भी लगाई गई है। 
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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री और वीआईपी के परिसर से जाने के बाद मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
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