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Hartalika Teej 2022: हरतालिका तीज पर ऐसे करें महादेव और मां पार्वती की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त

Mon, 29 Aug 2022 06:06 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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हरतालिका तीज - फोटो : self
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यह व्रत 30 अगस्त को रखा जाएगा। महिलाएं निराहार रहकर शाम के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर मिट्टी की प्रतिमा बनाकर भगवान शिव एवं माता पार्वती का पूजन करेंगी। महिलाएं यह व्रत पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस व्रत को काफी कठिन व्रतों में से एक माना गया है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि मान्यता है कि देवी पार्वती ने इस व्रत की शुरुआत की थी। सुहाग की सारी वस्तुएं माता पार्वती को चढ़ाने का विधान इस व्रत में है। हरतालिका तीज का व्रत बहुत कठिन माना जाता है। इस दिन व्रतधारी को अन्न और जल का त्याग करना पड़ता है।
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तीज पूजा - फोटो : iStock
तीज मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि तिथि 29 अगस्त को शाम 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन अगले दिन 30 अगस्त को 3 बजकर 34 मिनट पर होगा। सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 33 मिनट से 11 बजकर 05 मिनट तक है। वहीं प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त 30 अगस्त  को 6 बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
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तीज पर्व की खरीदारी करते लोग - फोटो : अमर उजाला
तीज मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि तिथि 29 अगस्त को शाम 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन अगले दिन 30 अगस्त को 3 बजकर 34 मिनट पर होगा। सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 33 मिनट से 11 बजकर 05 मिनट तक है। वहीं प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त 30 अगस्त  को 6 बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

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हरतालिका तीज - फोटो : फाइल
व्रत पूजा विधि
हरतालिका पूजन के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा हाथों से बनाएं। पूजा स्थल को फूलों से सजाकर एक चौकी रखें और उस पर केले के पत्ते रखकर भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद देवताओं का आह्वान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का षोडशोपचार पूजन करें। 
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हरतालिका तीज 2018 - फोटो : हरतालिका तीज 2018
सुहाग की सारी वस्तु रखकर माता पार्वती को चढ़ाना इस व्रत की मुख्य परंपरा है। इसमें शिव जी को धोती और अंगोछा चढ़ाया जाता है। बाद में इसे दान देना चाहिए। इस प्रकार पूजन के बाद कथा सुनें और रात्रि जागरण करें। आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं व ऋतु फल-मिष्ठान आदि का भोग लगाकर व्रत खोलें।
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तीज पर्व की खरीदारी करते लोग - फोटो : अमर उजाला
सुहाग की सामग्री 
सुहाग की पिटारी का विशेष महत्व है, इसमें कुमकुम, मेहंदी, बिंदी, सिंदूर, बिछिया, काजल, चूड़ी, कंघी, महावर
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शिव-पार्वती की मूर्ती - फोटो : अमर उजाला
काली मिट्टी से तैयार शिव-पावर्ती की खूब हो रही खरीदारी
तीज पर काली मिट्टी से बने शिव परिवार की पूजा करने का विधान है। ऐसे में बाजारों में काली मिट्टी से बने शिव परिवार की खूब खरीदारी हो रही है। वहीं तीज पर व्रत के पारण के दौरान महिलाएं 16 श्रृंगार सामग्री दान करती है। ऐसे में पैकेट में तैयार श्रृंगार सामग्री की पिटारी तैयार की गई है। जिसकी खूब खरीदारी हो रही है।
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