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हिमाचल हादसा : मऊ में कुनबा ही खत्म, आजमगढ़ में मची चीख-पुकार

Wed, 16 Aug 2017 10:07 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के मंडी में चट्टान खिसकने से शनिवार की रात दो बसें खाई में गिर गईं जिससे 48 लोगों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में 16 मऊ और आजमगढ़ के थे। मऊ में तो एक परिवार ही पूरी तरह से खत्म हो गया। मृतकों के परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। आगे की स्लाइड में देखें तस्वीरें...
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
हादसे मारे गए सूर्यदेव उर्फ प्रिंस की मौत के साथ ही उसके पिता के घर का चिराग बुझ गया। वहीं हादसे में राणा प्रताप का पूरा परिवार खत्म हो गया। राणा प्रताप के घर में उनके भाई और भतीजे तो हैं, लेकिन सूर्यदेव की मौत के साथ उसका पूरी तरह से सूना हो गया। मृत सूर्यदेव के पिता श्यामदेव सिंह मूलरुप से बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के खरुआव के निवासी हैं।
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
श्यामदेव दो भाइयों में छोटे हैं, बड़े भाई सत्यदेव सिंह के कोई संतान नहीं हैं। ऐसे में सूर्यदेव दोनों भाईयों के बीच एकलौता पुत्र था। वहीं प्रिंस के चार बहनें हैं, इसमें से सबसे छोटी बहन रूचि की शादी दिसंबर 2017 में होनी थी। हादसे में सूर्यदेव प्रिंस के साथ-साथ उसकी पत्नी संगीता और दोनों संतान शेरु उर्फ सत्यप्रकाश तथा पुत्री अनुष्का उर्फ महक तो मरी ही साथ ही उससे बड़ी बहन रिंकी सिंह की मौत हो गई।

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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
रिंकी के साथ उसके बच्चे तनू और अंश भी गए थे। ऐसे में सूर्यदेव उर्फ प्रिंस की मौत के साथ श्यामदेव सिंह का वंश समाप्त हो गया। बेटे के मौत का सदमा श्यामदेव बर्दास्त नहीं कर पाते इस कारण उन्हे उनके शुभचिंतकों ने गांव पहुंचा दिया। गांव के प्रधान दुष्यंत सिंह ने बताया कि सूर्यदेव की मौत की सूचना से श्यामदेव सिंह का परिवार ही नहीं पूरा गांव गमगीन है।
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
इसको लेकर पिता गुमसुम हैं तो चाचा की हालत बेसुध है। मां को घटना की जानकारी नहीं दी गई है। इस घटना को लेकर पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं हादसे में मरने वालों में आजमगढ़ के अतरैठ बाजार निवासी पवन मद्धेशिया (25) पुत्र राजेंद्र, उमेश सोनी (24) पुत्र अवधेश, कन्हैयालाल गुप्ता (18) पुत्र दीनदयाल और दीपचंद (22) पुत्र आत्मशिव का नाम भी शामिल है।
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
होनहार बेटों की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मौत की खबर पाकर पीड़ितों के दरवाजे पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार के लोग शव लेने के लिए घटनास्थल पर रवाना हो गए। मौत की सूचना के बाद त्योहार की खुशियां काफूर हो गई। लोगों ने इस वर्ष त्योहार नहीं मनाने का निर्णय लिया। अतरैठ बाजार निवासी चार युवकों की मौत हो गई।
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landslide in mandi - फोटो : अमर उजाला
इन युवकों में से किसी की शादी नहीं हुई थी। यह सभी अपने पिता के साथ व्यापार में सहयोग करते थे। अतरैठ बाजार निवासी पवन मद्धेशिया दो भाइयों में छोटा था। वह अपने पिता के साथ व्यापार में हाथ बंटाता था। उमेश सोनी चार भाइयों में बड़ा था। वह अपने पिता अवधेश के आभूषण की दूकान में उनका हाथ बंटाता था। दो भाइयाें में बड़ा कन्हैया गुप्ता के पिता की कपड़े की दूकान है।कन्हैया पिता के कपड़े की दूकान संभालता था। जबकि दीपचंद मूलरूप से लखनऊ का रहने वाला था। अतरैठ बाजार निवासी अपने नाना दुर्गा प्रसाद के यहां अक्सर रहता था।
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