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आधा से ज्यादा जेल में बीता कार्यकाल: रेप केस में बचे सांसद अतुल राय का जुर्म, जरायम और सियासत से ऐसा है नाता

Sun, 11 Sep 2022 09:09 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर/वाराणसी
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वाराणसी कोर्ट परिसर में सांसद अतुल राय (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
मऊ जिले की घोसी सीट से सांसद अतुल राय बलिया की युवती से दुष्कर्म के आरोपों में बरी हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी बसपा सांसद की मुश्किलें जारी हैं। वाराणसी पुलिस द्वारा अतुल राय के गृह जनपद गाजीपुर में कुर्की की कार्रवाई से एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पैतृक गांव वीरपुर स्थित दो करोड़ की 1.48 हेक्टेयर जमीन कुर्क की गई।  दुष्कर्म पीड़िता व गवाह साथी को आत्महत्या को उकसाने के मामले में आरोपी अतुल राय का संसदीय कार्यकाल आधा से ज्यादा जेल में ही बीता।

बसपा के टिकट पर 2019 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद से ही अतुल राय जेल में निरुद्ध है। तीन दिन पूर्व वाराणसी कोर्ट में पेशी से पहले अतुल राय अचेत हो गया था।  यही नहीं, निर्वाचित होने के छह महीने बाद अतुल राय ने जेल में रहते हुए 31 जनवरी 2020 को पैरोल पर लोकसभा सदस्य के रूप में सदस्यता ग्रहण की थी। कभी मुख्तार के खासमखास रहे अतुल राय के ऊपर वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों के थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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मुख्तार अंसारी, सासंद अतुल राय। - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2000 में माफिया मुख्तार अंसारी के संपर्क में आकर अतुल राय ने डीएलडब्ल्यू (अब बरेका) में ठेका, मोबाइल टॉवर में तेल सप्लाई, पीडब्ल्यूडी के ठेके सहित जमीन के धंधे में खूब हाथ आजमाया और मुख्तार का सिर पर हाथ होने के चलते उसकी जरायम जगत में गहरी पैठ भी बन गई थी। हाल यह था कि बनारस से लेकर गाजीपुर तक किसे कौन सा काम करना है, यह अतुल राय तय करता था।
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अतुल राय - फोटो : Facebook
समय का चक्र बदला और धीरे-धीरे अतुल की महत्वाकांक्षाएं भी बढ़ती गई और वह राजनीति में उतर आया। 2017 में बसपा के टिकट पर जमानिया विधानसभा का चुनाव लड़ा और हार गया। हालांकि इस चुनाव से भूमिहार नेता के रूप में उभरे अतुल राय को दो साल बाद ही बसपा ने 2019 लोकसभा चुनाव में मऊ के घोसी सीट से उम्मीदवार बनाया और अतुल राय ने पहली बार में ही जीत दर्ज की।  

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छात्रा से दुष्कर्म मामले में सांसद अतुल राय बरी - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2000 में वह माफिया मुख्तार अंसारी के संपर्क में आया था। इसी के बाद उसका ग्राफ ठेकेदारी सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी से बढ़ा। वहीं, जेल में रहते हुए अतुल राय ने मुख्तार अंसारी से अपनी जान को खतरा भी बताया। लोगों का कहना है कि मुख्तार से अतुल की दूरियां तब बढ़ी जब वर्ष 2019 लोकसभा में घोसी सीट से मुख्तार के पुत्र अब्बास अंसारी का टिकट काटकर अतुल राय को बसपा का टिकट मिल गया था।          
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अतुल राय (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया।
गाजीपुर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, जनपद के किसी थाने में अतुल राय के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। वर्तमान समय में नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध सांसद के खिलाफ एक मई 2019 को वाराणसी के लंका थाने में  दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। 
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अतुल राय (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पीड़िता और गाजीपुर के रहने वाले उसके गवाह साथी ने पिछले वर्ष 16 अगस्त को दिल्ली में आत्मदाह कर लिया था। अतुल राय को छह अगस्त को न्यायालय ने सांसद को  दुष्कर्म के मामले में बरी कर दिया था। हालांकि पीड़िता और गवाह साथी को आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य मामले में राहत नहीं मिली है और वह नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध है।    
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घोसी से बसपा सांसद अतुल राय की संपत्ति कुर्क - फोटो : अमर उजाला
शासन की कार्रवाई का डंडा संगठित अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ लगातार चल रहा है। आईएस 191 गैंग के लीड मुख्तार अंसारी और उनके करीबियों की अब तक 65 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। जबकि गैंग से संबंधित 109 करोड़ की संपत्ति को ध्वस्त कराया जा चुका है। यहीं नहीं मुख्तार अंसारी पर तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी के बड़े भाई गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी की अब तक करीब 43 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
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