विलाप करते परिजन।
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रातभर तड़पते रहे मासूम नहीं पसीजा मां का कलेजा
सलमा ने मंगलवार शाम ही बच्चों को जहरीला पदार्थ दे दिया था। रातभर बच्चे तड़पते रहे, लेकिन मां का कलेजा नहीं पसीजा। सुबह करीब सात बजे उसने पति को फोन करके बताया कि बच्चों की हालत खराब हो रही है। कुछ देर बाद ही उसके पास मुरसलीन के पिता रहमत अली का भी फोन आया कि बच्चे बेहोश पड़े हैं। जिसके बाद वह दिल्ली से सुबह 10 बजे गांव आया। तब तक साद की मौत हो चुकी थी, जबकि उसका तहेरा भाई नौशाद मिस्बाह व मंतशा को मेरठ अस्पताल लेकर गया हुआ था। कुछ देर बाद ही रास्ते से नौशाद ने फोन करके बताया कि मिस्बाह की भी मौत हो गई।