रेत में फंसे वाहन।
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मां की कृपा से टैंपू के साथ बहा अंग्रेज सुरक्षित बचा
मुजफ्फरनगर के फुगाना का अंग्रेज पुत्र महिपाल अपने छह साथियों कल्लू, संदीप, हरिओम, महेंद्र, मनोज, भानु के साथ टैंपू से शाकंभरी देवी आया था। अंग्रेज ने बताया कि रात होने के कारण वह टैंपू खोल में खड़ा करके उसमें सो गया, जबकि उसके साथी धर्मशाला में चले गए। पानी का सैलाब आया तो वह टैंपू सहित बहने लगा। नींद खुली तो देखा कि उसके चारो तरफ पानी का भयंकर सैलाब था और टेंपू बह रहा था। उसे कुछ नहीं सूझा और वह टेंपू की छत पर चढ़ गया। उसने मां का जाप करना शुरू किया। उसका टैंपू बहता बहता हुआ शंकराचार्य आश्रम के पास पहुंचकर धंस गया।