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Mid-Day Meal: बच्चों की चीख-पुकार सुन गांव में मचा हाहाकार, हालत देख अभिभावक भी कांप गए, देखिए तस्वीरें

Wed, 13 Jul 2022 09:02 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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स्कूल में मिड-डे मील की तहरी खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर में कंपोजिट विद्यालय बीबीपुर के मिड-डे मील में छिपकली गिरने का शोर मचते ही बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। बच्चे घबरा गए। जानकारी घर तक पहुंची तो अभिभावक जुटने शुरू हो गए। इस दौरान शिक्षक छिपकली गिरने से इनकार करते रहे। बीएसए शुभम शुक्ला जांच के लिए पहुंचे तो तहरी स्कूल में नहीं मिली। सवाल यह है कि जांच से पहले ही तहरी कहां चली गई।

स्कूल परिसर में बच्चों की खूब चीख-पुकार मची। एक छात्र पहले शिक्षामित्र रणवीर के पास तहरी लेकर पहुंचा और कहा कि इसमें छिपकली गिरी है। शिक्षामित्र ने बच्चे को प्रधानाध्यापक अशोक कुमार के पास भेज दिया। इसी दौरान तहरी में छिपकली गिरने का शोर मच गया। स्कूल का स्टाफ मामले को दबाने और बच्चों को चुप करने की कोशिश करने लगा, लेकिन बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। अभिभावक और प्रधान राजेश कुमार भी स्कूल पहुंच गए।
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बच्चों को अस्पताल में कराया भर्ती। - फोटो : amar ujala
अभिभावक राकेश कुमार का कहना है कि बच्चों की शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय शिक्षकों ने मामले को दबाने का प्रयास किया, जिससे बच्चों की जान पर बन आई थी। तहरी में छिपकली गिरने की गूंज हुई तो जांच के लिए अधिकारी पहुंचने शुरू हो गए। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल भी बीबीपुर पहुंचे। इसी दौरान बीएसए शुभम शुक्ला भी स्कूल पहुंचे और बच्चों से बातचीत की। तहरी की तलाश कराई गई, लेकिन तहरी नहीं मिली। सवाल यह है कि स्कूल से बची हुई तहरी कैसे गायब हो गई। तहरी नहीं मिलने के कारण सैंपलिंग भी नहीं हो सकी।
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बच्चों का हाल जानते अधिकारी। - फोटो : amar ujala
एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिला पंचायत सदस्य लेकर पहुंचे अस्पताल
ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने एंबुलेंस को कॉल की थी, लेकिन एंबुलेंस से कोई रेस्पांस नहीं मिला। इसी दौरान किसी ने वार्ड सात के जिला पंचायत सदस्य तरुण पाल को कॉल की। वह अपनी गाड़ी लेकर पहुंचे और आठ बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

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बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। - फोटो : amar ujala
वहीं अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो एंबुलेंस भी गांव पहुंची। जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती किए गए बच्चों ने दावा किया है कि उन्होंने तहरी में छिपकली देखी थी, जिसके बाद शिकायत की गई है। कक्षा तीन के छात्र ने कहा कि उसने छिपकली देखी है, उस पर कीडे़ चल रहे थे। कुछ बच्चों ने धोखे से खा भी लिया, जिस कारण उनके पेट में दर्द हो गया। 
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शिक्षकों पर आरोप लगाते अभिभावक। - फोटो : amar ujala
स्कूल की अव्यवस्थाओं से नाराज हैं ग्रामीण
बीबीपुर की महिला रेणू ने बताया कि उसकी बेटी स्कूल में पढ़ती है। महिला का कहना है कि पिछले चार महीने से स्कूल में पंखा तक नहीं लगा। बच्चे धूप में बैठकर पढ़ते हैं। बार-बार शिकायत की जाती है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। स्कूल में जो बच्चे पढ़ने जाते हैं, उन्हें सुविधा दी जानी चाहिए। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। बीबीपुर के प्रधान राजेश कुमार का कहना है कि तीन दिन पहले मिड-डे मील में कीड़े निकले थे। लगातार भोजन में शिकायतें आ रही हैं, लेकिन स्कूल का स्टाफ ध्यान नहीं दे रहा है। बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया गया है।
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रोते-बिलखते बच्चे। - फोटो : amar ujala
बच्चे एक-दूसरे को देख घबरा गए : सीएमओ
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि बच्चे एक-दूसरे को देखकर घबरा गए हैं। सबको उपचार दिया गया है। ड्रिप लगाई गई है। सबकी हालत खतरे से बाहर है।
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बच्चों का हाल जानने पहुंचे कपिल देव अग्रवाल। - फोटो : amar ujala
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी : कपिल देव अग्रवाल
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बच्चों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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अस्पताल में भर्ती बच्चे - फोटो : अमर उजाला
छिपकली पर चल रही राजनीति : प्रधानाध्यापक
निलंबित किए गए प्रधानाध्यापक अशोक कुमार का कहना है कि भोजना साफ था, खुद उन्होंने खाया। मिड-डे मील में छिपकली बताकर गांव के कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। सारा मामला भोजन माताओं की तैनाती से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों को मामले से अवगत कराया जाएगा।
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अस्पताल में भर्ती बच्चे। - फोटो : amar ujala
दो दिन में दूध का दूध, पानी का पानी : बीएसए
बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। दो दिन में रिपोर्ट मिल जाएगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। प्राथमिक जांच में जो संदिग्ध लगे थे, उन पर कार्रवाई की गई है।
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