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Army Bharti: सेना भर्ती को लेकर ऐसा खुलासा, हिल जाएंगे आप, कदम-कदम की कीमत जान चौंक गए अफसर

Thu, 29 Sep 2022 08:46 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर में गिरोह के जाल में फंसते ही अग्निवीर भर्ती रैली के लिए अभ्यर्थी को हर कदम की कीमत चुकानी पड़ती थी। भर्ती स्थल पर प्रवेश और दौड़ तक के लिए 50-50 हजार रुपये की रकम तय थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि अब तक तीन युवक गिरोह के जाल में फंस चुके थे, जिनकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। 

गिरोह ऐसे अभ्यर्थियों को निशाना बनाता था, जिनकी उम्र निकल गई हो या उनके प्रमाण पत्र अधूरे होने के कारण वह भर्ती रैली में शामिल नहीं हो पाए हो। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाकर ऐसे युवकों के आधार कार्ड में जन्मतिथि अपडेट कर दी जाती थी। आवेदक प्रवेश पत्र के साथ भर्ती स्थल पर पहुंच जाता था। मगर, दौड़ पूरी होने के बाद होने वाली प्रमाण पत्रों की जांच में वह फंस जाता था। 
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मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
भर्ती से पहले आधार कार्ड में बदलाव के मामले सामने आए तो आर्मी इंटेलिजेंस अलर्ट हो गई। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद यह खेल खुल गया। भर्ती स्थल पर प्रवेश और दौड़ तक के 50-50 हजार रुपये लेने का रेट तय किया गया था। इसके बाद मेडिकल समेत अन्य प्रक्रियाओं की कीमत अलग तय की गई थी। अभी तक की जांच में तीन युवकों से 50-50 हजार रुपये वसूलना बताया गया है, लेकिन इसकी जांच चल रही है।
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अग्निवीर भर्ती, Agniveer recruitment - फोटो : अमर उजाला
आवेदन से लेकर भर्ती तक गिरोह सक्रिय
गिरोह भर्ती के लिए ऑनलाइन फार्म में फर्जी जानकारी भरवाता था। इसके बाद आधार कार्ड को स्कैन कर उसमें फर्जीवाड़ा भी करता था। पुलिस प्रकरण के हर बिंदु पर जांच कर रही है।

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मेजर जनरल तिवारी युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए - फोटो : अमर उजाला
भर्ती शुरू होते ही मुजफ्फरनगर पहुंच गया था सिकंदर
अग्निवीर भर्ती शुरू होते ही गिरोह का सरगना रात में अपने साथियों के साथ भर्ती स्थल के आसपास पहुंच गया था। वह खुद अभ्यर्थियों के बीच घूमता था। इस गिरोह के तीन सदस्य अभ्यर्थी बनकर घूमते थे। यह भी सामने आया है कि ढ़िकौली गांव का अधिवक्ता खुद को सेना के एक कर्नल को अपना रिश्तेदार बताता था। उसने अनुज चौधरी के साथ मिलकर गिरोह बनाया। अधिवक्ता के पास प्रयागराज से बना कार्ड भी बरामद हुआ है।
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मेजर जनरल तिवारी युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए - फोटो : अमर उजाला
प्रशांत और हिमांशु भी थे अग्निवीर बनने के इच्छुक 
एसओ संतोष त्यागी ने बताया कि अधिवक्ता की पहचान अनुज चौधरी से थी। अनुज ने अपने रिश्ते के साले प्रशांत व हिमांशु से बातचीत की। प्रशांत की आयु ज्यादा हो गई थी। 30 सितंबर को अमरोहा की होने वाली भर्ती में शामिल कराने के लिए उसके हाईस्कूल के फर्जी कागजात बनाए। हिमांशु को अमरोहा के कागजात बनवाने का आश्वासन दिया। प्रशांत व हिमांशु को भी अन्य युवक तलाशने के लिए कहा गया था।
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अग्निवीर भर्ती रैली। - फोटो : amar ujala
सेना के इनपुट पर अलर्ट हुई थी पुलिस
आर्मी इंटेलिजेंस मेरठ ने भर्ती के दौरान फर्जीवाड़े का इनुपट दिया था। इस दौरान मेरठ में सेना का जवान पकड़ा गया था। सेना के अधिकारियों ने एसएसपी विनीत जायसवाल को जानकारी दी। एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों की टीम गठित की और निगरानी कराई तो ट्यूबवेल से आरोपी धरे गए। पूछताछ के बाद खेल का खुलासा हो गया।
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