उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में शाहजहांपुर से सवारियां लेकर दिल्ली जा रही स्लीपर बस शनिवार देर रात ट्रक से टकरा गई। हादसे में निजी बस के चालक और एक हेल्पर समेत छह यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 47 लोग घायल हुए हैं। बाईपास पर हादसे के बाद डेढ़ से दो घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। बाद में पुलिस ने दोनों वाहनों को जेसीबी/क्रेन की मदद से मौके से हटवाकर अजीतपुर चौकी में पहुंचवाया। इसके बाद जाम खुला। टीएसआई सुमित कुमार ने बताया कि हादसे के बाद दोनों वाहनों को सड़क से हटवाकर जाम को खुलवाया गया था। सिविल लाइंस क्षेत्र में हुए हादसे की सूचना परिजनों को आधी रात के बाद हुई। किसी के रिश्तेदार, किसी ने पुलिस ने फोन पर हादसे की सूचना दी। इसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और परेशान परिजन रामपुर जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : अमर उजाला
साढ़े तीन घंटे में तय कर ली थी डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी
बताया जा रहा है कि शाहजहांपुर से चली निजी बस जो रामपुर में ट्रक से टकराई उसने करीब साढ़े तीन घंटे में शाहजहांपुर से रामपुर के बीच की करीब 152 किलोमीटर की दूरी तय की थी। बस में सवार यात्री सद्दाम ने बताया कि ड्राइवर ने रास्ते में बस कहीं भी नहीं रोकी थी।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
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बस में बज रहे थे गाने, तेज आवाज से टूटी नींद तो सुनाई दीं चीखें
कोई गहरी नींद में सो रहा था तो कोई अपने बेटे के साथ बात कर रहा था। बस में फिल्मी गाने बज रहे थे। इस बीच एक तेज धमाके और झटके ने बस में सवार सभी यात्रियों के होश उड़ा दिए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्लीपर बस में ऊपर की सीट पर सो रहे कई यात्री तो नीचे गिर पड़े। कई निचली सीट पर बैठे यात्री भी संतुलन खोकर गिर गए। रात का समय होने के कारण कई यात्री सो रहे थे। यात्रियों ने बताया कि तेज आवाज से आंख खुली तो फिल्मी गानों की जगह चीखें सुनाई दीं।
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अस्पताल में भर्ती घायल
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मैं बस से अपने बहनोई अब्दुल वहीद के साथ दिल्ली जा रहा था। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच अचानक तेज धमाके की आवाज आई। हादसे के कुछ देर पहले ही मुझे नींद आई थी। धमाके से आंखें खुलीं तो चीख-पुकार मची हुई थी। मेरे पास सो रहे बहनोई को मैंने देखा तो उनके सिर में खिड़की का कांच लगने से खून निकल रहा था। कुछ देर तो समझ में ही नहीं आया कि क्या करूं। हमें एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां मेरे बहनोई की मौत हो गई। -सद्दाम, घायल
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घायल अकील अहमद
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मैं चालक की दूसरी साइड में बैठा हुआ था। हादसे के वक्त मैं सो रहा था। तेज झटके के बीच मेरे सिर पर ऊपर की बर्थ पर लेटे यात्री आकर गिरे तो मेरी आंख खुली और हादसे की जानकारी हुई। हादसे जैसे भगदड़ जैसी स्थिति में मेरा मोबाइल फोन भी कहीं गिर गया। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचा तो किसी और के फोन से परिजनों को सूचना दी। - अकील अहमद, यात्री
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सड़क हादसे में नरगिस घायल
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मैं ईद पर अपने मायके शाहजहांपुर आई थी। शनिवार रात को मैं निजी बस से अपने पिता महफूज और बेटे रजा के साथ दिल्ली जा रही थी। आधी रात के वक्त हादसा हुआ, उस वक्त में जाग रही थी। चालक का केबिन बंद था लेकिन, उसमें से गानों की आवाज आ रही थी। चालक तेज आवाज में गाने बजा रहा था। चालक ने किसी गाड़ी को ओवरटेक किया और बस सामने से आ रहे एक ट्रक से भिड़ गई। - नरगिस, यात्री
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घायल यात्री राहुल
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मैं दिल्ली के सीलमपुर में एक रेस्टोरेंट में कुक का काम करता हूं। शनिवार रात को निजी बस से दिल्ली जा रहा था। इस दौरान मैं सो गया था। अचानक एक तेज झटके के साथ मैं अपनी सीट से नीचे गिर गया और आंख खुल गई। आंख खुली तो बस में सब लोग चीख रहे थे। कुछ देर तो समझ में ही नहीं आया क्या हुआ, फिर अहसास हुआ कि हादसा हो गया है। मैं इतनी तेज गिरा था कि पूरा शरीर दर्द कर रहा है। - राहुल, यात्री
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विलाप करते परिजन
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क्या बोले परिजन
हम लोग तो घर पर सो रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाली साक्षी के साथ बस में सवार साक्षी के बहनोई अरुण का फोन आया कि हादसा हो गया है। वहीं साक्षी के पति दीपक के पास पुलिस का फोन पहुंचा था, जिसके बाद दीपक ने अन्य परिजनों व रिश्तेदारों को सूचना दी। उस वक्त तक हमें ये नहीं बताया गया था कि साक्षी की मौत हो गई है। सूचना पर तुरंत रामपुर आए तो साक्षी की मौत की जानकारी से सन्न रह गए। दोनों बच्चों को उनकी मौसी प्राची ने संभाला। बच्चों में तेजस को चोट भी लगी है। फिलहाल वह पिता दीपक के साथ है, जबकि बेटी तृप्ति को उसके नाना साथ ले गए। -मृतक साक्षी की चाची निशा
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मृतक का फाइल फोटो
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बस में हमारे बहनोई नसीम और उनकी बहन रुबिया खानम उर्फ बब्ली और बेटी अलीशा सवार थी। हमें पुलिस ने हादसे की सूचना दी तो पैरों तले जमीन खिसक गई। एक वक्त को तो विश्वास ही नहीं हुआ। फिर मैंने तुरंत अपने भाई को सूचना दी और हम लोग रामपुर आ गए। -मृतक नसीम के साले नदीम
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मृतक करण का फाइल फोटो
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मैंने रात में करीब साढ़े 11 बजे अपने भाई करण को फोन किया था। उस वक्त फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद मेरे एक दोस्त आकाश ने फोन पर बताया कि उसे पुलिस ने फोन से रामपुर में सड़क हादसे और करण की मौत की जानकारी दी है। इसके बाद मैंने परिजनों को बताया, पापा और चाचा के साथ रामपुर आ गए। पापा की हालत बहुत खराब है। मेरा भाई पहली बार बस पर हेल्पर के रूप में आया था। - मृतक करण राठौर के छोटे भाई सौरभ राठौर
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हादसे में क्षतिग्रस्त ट्रक
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कोई रोजी-रोटी के लिए तो कोई रिश्तेदार के या अपने घर जा रहा था
हादसे की चपेट में आई बस में सवार कोई यात्री रोजी-रोटी के लिए दिल्ली जा रहा था तो कोई अपने रिश्तेदार के पास या अपने घर जा रहा था। बस में सवार शाहजहांपुर सदर तहसील क्षेत्र निवासी घायल यात्री राहुल ने बताया कि वो दिल्ली के सीलमपुर इलाके में एक रेस्टोरेंट में कुक का काम करते हैं और अपनी नौकरी पर ही वापस जा रहे थे।
वहीं साक्षी अपनी बहन, बहनोई, मां और बच्चों के साथ दिल्ली में रहकर नौकरी कर रहे अपने पति दीपक के पास जा रहीं थीं। बकरीद पर घर आईं नरगिस भी अपने पिता महफूज और बेटे रजा के साथ दिल्ली स्थित ज्योतिनगर में अपनी ससुराल जा रहीं थीं। वहीं बस में सवार सद्दाम और अब्दुल वहीद भी नौकरी की तलाश में दिल्ली जा रहे थे।