फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vedic Gupta Kidnapping Case: क्राइम सीरियल देखकर रची अपहरण की साजिश, फिरौती मांगने के लिए बदमाशों ने खरीदा सिम

Mon, 07 Aug 2023 08:31 AM IST
विमल शर्मा जितेंद्र कुमार, मुरादाबाद
विज्ञापन
1 of 7
वैदिक गुप्ता अपहरणकांड का मुख्य साजिशकर्ता अंकुश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
बुद्धि विहार से सात साल के बच्चे का अपहरण करने वाला अंकुश शर्मा क्राइम पेट्रोल सीरियल और अपराध पर आधारिक फिल्में देखता है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने सीरियल देखकर ही वैदिक के अपहरण की साजिश रची थी। इसके लिए उसने अपने सबसे भरोसेमंद दोस्त शशांक मेहता उर्फ विक्की को प्लानिंग में शामिल किया। आरोपियों ने कहा कि एक माह से इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। अंकुश ने ही शशांक उर्फ विक्की को बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले नवनीत गुप्ता का इकलौता बेटा है। उसका अपहरण करने के बाद फिरौती मांगेंगे। नवनीत गुप्ता बच्चे की जान बचाने के लिए आराम से रकम दे देंगे।
विज्ञापन

2 of 7
वैदिक गुप्ता अपहरणकांड का आरोपी शशांक मेहता - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने फिरौती मांगने के लिए नया मोबाइल और सिम लिया था। प्लानिंग के मुताबिक, शनिवार शाम ही दोनों अंकुश के मकान के सामने खड़े हो गए थे। इसके बाद इन्होंने यहां से कार आगे बढ़ा दी। दूर खड़े होने के बाद कार रोक दी और वैदिक के घर से बाहर निकलने का इंतजार करने लगे थे। जैसे ही वैदिक साइकिल निकालकर सड़क पर आया। इसके बाद आरोपी कार लेकर आए गए और उसकी साइकिल गिराकर उसे कार में बैठाकर ले गए थे। आरोपियों ने बताया कि प्लानिंग थी कि रकम लेने के बाद वह शहर छोड़कर चले जाएंगे लेकिन नवनीत ने पुलिस को सूचना दे दी थी। जिससे उनका प्लान फेल हो गया।
विज्ञापन

3 of 7
वैदिक गुप्ता का अपहरणकर्ताओं की कार - फोटो : अमर उजाला

रात नौ बजे कॉलोनी का माहौल देखने आया था अंकुश

पुलिस और परिजन वैदिक की तलाश में जुटे थे। रात करीब नौ बजे अंकुश शशांक और बच्चे को नया मुरादाबाद में छोड़ने के बाद कॉलोनी का माहौल देखने आया था। वह एमजीआर की ओर से तेजी से कार लेकर बुद्धि विहार सेक्टर नौ बी में पहुंचा और उसने चंद सेकेंड के लिए अपने मकान के सामने अपनी वैगनआर कार रोकी थी। लेकिन लोगों की मौजूदगी देखकर वो भांप गया था कि अपहरण की खबर फैल चुकी है। इसके बाद उसने तेजी से कार मोड़ी और वहां से निकल गया था। इस बार इसकी गाड़ी पर नंबर प्लेट लगी थी जबकि अपहरण के वक्त कार से नंबर प्लेट हटी हुई थी।

4 of 7
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मां-बाप बोले, एसएसपी और उनकी टीम की वजह से लौटी मेरे घर में खुशियां

बारह घंटे बाद इकलौता बेटा मां-बाप के सामने आया तो वह चीख-चीख कर रोने लगे। बेटे को गले लगाया। मां तो बार-बार उसे दुलार रही थी। नवनीत गुप्ता और उनकी पत्नी ने कहा कि एसएसपी हेमराज मीना और उनकी टीम की वजह से हमारे घर में खुशियां लौटी हैं। हम तो ये ही सोच रहे थे कि हमारा बेटा किस हालत में होगा। लेकिन पुलिस टीम एक पल भी बर्बाद नहीं किया। पूरी रात टीम ने केस पर काम किया। जिसका नतीजा है कि हमें हमारा बेटा वापस मिल गया। हम ताउम्र पुलिस का एहसास नहीं चुका पाएंगे।

विज्ञापन

5 of 7
वैदिक गुप्ता के घर पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

रात भर मंदिर के सामने बैठी मां

वैदिक की मां रात भर नहीं हो पाई। वो घर में बने मंदिर के सामने ही बैठी रही। सुबह बेटा बरामद हुआ तो घर में खुशियां लौट आईं। इसके बाद दंपती अपने बेटे को लेकर रामपुर के शाहबाद स्थित मंदिर पहुंचे और प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद ही परिवार शाहबाद से वापस लौटा।
विज्ञापन

6 of 7
वैदिक गुप्ता अपहरणकांड का मुख्य साजिशकर्ता अंकुश का घर - फोटो : अमर उजाला

आरोपी की मां सेक्स रैकेट में जा चुकी है जेल

सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि आरोपी अंकुश की मां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सेक्स रैकेट में पकड़ी गई थी। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे जेल भेजा गया था। वो जमानत पर जेल से छूटी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मुठभेड़ के दौरान घायल दरोगा - फोटो : अमर उजाला

बच्चे को बरामद करने वाली टीम

सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर, एएसपी कुंवर आकाश कुमार, मझोला थाना प्रभारी विप्लव शर्मा, बिलारी थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह, पाकबड़ा थाना प्रभारी राजीव शर्मा, सर्विलांस सेल प्रभारी अमित कुमार, एसओजी प्रभारी और उनकी टीम शामिल रही।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें