बरेली के कपड़ा कारोबारी हरमेंद्र जीत सिंह राजपाल की बेटी अमीषा रुद्रपुर से ट्रेन से अकेले ही आई थी। सीसीटीवी से इस बात की पुष्टि हुई है। जीआरपी रुद्रपुर और मुरादाबाद स्टेशन पर लगे कैमरों की फुटेज से इस नतीजे पर पहुंची है। अब तक यह माना जा रहा था कि ससुराल पक्ष के लोग उसे ट्रेन में लेकर आए थे, इसके बाद मुरादाबाद के नजदीक ट्रेन से फेंक दिया था। जीआरपी ने बरेली पहुंचकर अमीषा के घरवालों के बयान दर्ज किए। उसकी बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि अमीषा का पति रणदीप सिंह कामरा उर्फ रॉनी व उसकी ननद अवनीत हर बात पर टॉर्चर करते थे। उन्होंने शादी के समय के दहेज की मांग नहीं की थी लेकिन दो माह बाद ही कार और कैश के लिए परेशान करते थे। कपड़ों को भी दोयम दर्जे के बताकर ताना देते थे। रॉनी कई दिन तक अमीषा से बातचीत बंद कर देता था। अमीषा ने कई बार यह बात अपनी बड़ी बहन को फोन पर बताई थी।
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फाइल फोटो
पिता हरमेंद्र समझाने पहुंचे थे लेकिन उन्हें ससुराल वालों ने घर में भी नहीं घुसने दिया था। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि परेशान अमीषा रुद्रपुर से अपने घर बरेली जाने के लिए ट्रेन में बैठी होगी। इसके बाद वह मुरादाबाद क्यों पहुंची, उसने ट्रेन से कूदकर खुदकुशी की या किसी ने फेंका, यह अब भी राज है।
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- फोटो : अमर उजाला
एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता का कहना है कि यदि अमीषा ने खुदकुशी की है तो भी ससुराल पक्ष पर हत्या का मुकदमा बनता है। हर सुबूत इस बात की ओर इशारा करता है कि उन्होंने अमीषा को गलत कदम उठाने के लिए उकसाया। अब विवेचना में भी ससुराल पक्ष की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है, बल्कि सभी फरार हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
देश नहीं छोड़ पाएंगे अमीषा के आरोपी
अमीषा के आरोपी देश न छोड़ पाएं इसके लिए जीआरपी ने सारी सूचना भारतीय दूतावास को दे दी है। इसके जरिये देश के हर हवाई अड्डे पर अमीषा के ससुराल वालों की सूचना दे दी गई है। उनके पासपोर्ट की सारी जानकारी जीआरपी के पास है। इसके अलावा सभी के बैंक खाते सीज करा दिए गए हैं। मामले की विवेचना कर रहे सीओ जीआरपी देवी दयाल का कहना है कि बहुत दिन तक आरोपी बच नहीं सकेंगे। जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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यह था पूरा मामला
उत्तराखंड के रुद्रपुर में पेट्रोल पंप स्वामी सतपाल सिंह की बहू अमीषा (25) का शव 4 जनवरी की देर रात मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक ट्रैक पर पड़ा मिला था। बरेली निवासी अमीषा के पिता हरमेंद्र जीत सिंह की तहरीर पर मुरादाबाद जीआरपी थाने में पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न में केस दर्ज किया था।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
अमीषा और रणदीप की शादी 24 फरवरी 2022 को हुई थी। 4 जनवरी 2023 को शाम करीब साढ़े चार बजे रणदीप ने अमीषा के मायके में फोन कर बताया कि उनकी बेटी लापता है। उसी रात अमीषा का शव मुरादाबाद जीआरपी को कपूर कंपनी और लोकोशेड पुल के बीच रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था।
रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी के बाद से फरार है रणदीप
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास अमीषा का शव मिलने की सूचना पर पति रणदीप 5 जनवरी को मुरादाबाद पहुंचा था। यहां वह अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ रेलवे स्टेशन, घटनास्थल और इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस भी आया। रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगते ही वह कार दौड़ा कराकर मुरादाबाद से भाग गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है।