सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम एक किमी के दायरे में फैला है। राजा विजयपुर ने आश्रम को जमीन दान में दी थी। आश्रम की स्थापना 1991 में की गई थी। यह स्वामी अड़गड़ानंद का प्रमुख आश्रम है। इसके अलावा देशभर में 64 स्थानों पर उनके आश्रम हैं। इनमें मुंबई के पालघर, मध्य प्रदेश के बरचर, दिल्ली के फरीदाबाद, उत्तराखंड के चकोरी, पिथौरागढ़, देहरादून के आश्रम प्रमुख हैं। मिर्जापुर में सक्तेशगढ़ के अलावा कछवां के बरैनी स्थित जगतानंद आश्रम है। अमेरिका में भी दो आश्रम हैं। नेपाल में भी आश्रम है। सक्तेशगढ़ आश्रम में सौ के करीब साधु हैं। इसके अलावा अन्य सेवादार और आश्रम संचालन करने के लिए लोग हैं।