मेरठ में लिसाड़ीगेट के पदमपुरा में शुक्रवार को स्कूल की बिल्डिंग के कमरे में गेट खोलने को लेकर संप्रदायिक तनाव हो हो गया। दूसरे समुदाय के लोगों ने मंदिर बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों की भीड़ जुट गई और नारेबाजी कर दी। कंट्रोल रूम पर घटना की सूचना मिलने के बाद लिसाड़ीगेट और ब्रहमपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह मामला शांत कराया।
पदमपुरा में किराए की बिल्डिंग में सरकारी स्कूल चलता है। यहां की रहने वाली पुष्पा के पिता ने स्कूल के लिए यह बिल्डिंग किराए पर दे रखी है। जिनमें एक कमरा पुष्पा ने अपने लिए रखा हुआ था। बाद में शादी के बाद महिला कमरे में ताला लगाकर चली गई, लेकिन बीच बीच में वह आकर रहने लगती है। पुलिस ने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही हैं। स्कूल के एक कमरे में दूसरी तरफ गेट बना लिया था। जिसमें महिला आकर अपने कमरे में सामान रख लेती है। महिला ने स्कूल के एक कमरे में कुछ मूर्ति रख दी। शुक्रवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने स्कूल के कमरे में रास्ते की तरफ गेट से पहुंचकर देखा तो कमरे में मूर्ति रखी देखी। जिसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने मंदिर बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते हुए कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिसके बाद यूपी 100 की गाड़ी पहुंची और मामले की जानकारी ली। बाद में इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट चंद्रभान यादव भी मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट ने बताया कि स्कूल महिला के पिता की जमीन में चलता है। महिला ने एक कमरे में सामान रखकर एक मूर्ति रखी थी। बाद में पुलिस ने मामला शांत कराया।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि लिसाड़ीगेट पुलिस को मौके पर भेजा गया था। मंदिर के निर्माण का आरोप गलत है। कमरा महिला का बताया गया है जिसमें पूजा के लिए मूर्ति रखी गई थी। पुलिस पूरे मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।