मेरठ में लिसाड़ीगेट के श्यामनगर में शुक्रवार को घर के बाहर गली में खेल रही दो साल की मासूम को कुत्ते ने नोंच लिया। बच्ची जमीन पर पड़ी हुई बिलखती रही, लेकिन कुत्ता काटता रहा। आसपास के लोगों ने किसी तरह कुत्ते से बच्ची की जान बचाई, इस बीच कु त्ते ने दो बकरियों को भी घायल कर दिया। बाद में एक बच्चे पर और हमला बोला तो भीड़ ने घेराबंदी करते हुए कुत्ते को मौत के घात उतार दिया।
श्यामनगर गली-7 निवासी मौ. जावेद की डेढ़ माह पहले ओडियन नाले में गिरकर मौत हो गई थी। जावेद की दो वर्षीय बेटी अलशिसा शुक्रवार को घर के बाहर खेल रही थी। इस बीच गली में घूम रहे कुत्ता बच्ची पर चिपड़ पड़ा। कुत्ते ने बच्चे के चहेरे, हाथ और पैर को बुरी तरह से नोंच डाला। बाद में कुत्ते ने गली में इदरीश और मोबीन की दो बकरियों पर हमला बोल दिया। आसपास के लोगों ने लाठी डंडे लेकर किसी तरह कुत्ते को दौड़ाया, उसके बाद भी कुत्ते का कहर जारी रहा और पांच साल के बच्चे नबी को काट लिया। बाद में लोगों ने कुत्ते को पागल होने की बात कहते हुए शोर मचा दिया। जिसके बाद कुत्ते को एक घर में घेर लिया और लाठी डंडो से पीटकर मौत के घात उतार दिया। परिजन और अन्य लोगों ने घटन की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद लिसाड़ीगेट पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन घायल बच्ची को लेकर जिला अस्पताल ले गये। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के शरीर की हड्डी तक चमक गई। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली के लिए रैफर कर दिया।
पहले भी कुत्ते बनाते रहे निशाना:
आवारा कुत्ते पहले भी बच्चों और लोगों पर हमला करते रहे। काजीपुर में तीन साल पहले कुत्तों ने एक दर्जन से अधिक लोगों को जख्मी कर दिया था। पड़ोस के लोगों का कहना है कि कुछ स्थानों पर अवैध तरीके से कटान होता है जिसके बाद कुत्ते गलियों में लोगों पर निशाना साधते हैं।
भीड़ न बचाती तो हो जाती अनहोनी: जिस समय आवारा कुत्ते ने दो साल की बच्ची पर हमला बोला, उसी समय पड़ोसी शहजाद डंडा लेकर दौड़ पड़ा। लेकिन उससे पहले कुत्ते ने मासूम बच्ची को लहूलुहान कर दिया था। कुछ लोगों ने बताया कि कुत्ता पागल हो गया था, जिसने दो बकरी और एक बच्चे को भी चपेट में लिया। यदि कुत्ते को मारा न जाता तो वह कई लोगों को भी घायल कर देता।