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पार्षद का अपमान: IAS को बताने पहुंचे थे इलाके का हाल, हाथ-पैर पकड़ किया ये हाल, सारी हदें हुईं पार, तस्वीरें

Tue, 20 Sep 2022 09:38 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ में पार्षद का अपमान। - फोटो : amar ujala
मेरठ में वार्ड-72 के पार्षद एहसान अंसारी मंगलवार को 20 हजार लोगों का दर्द लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान लोगों का दर्द अफसरों के सामने रखा, लेकिन उनकी बातें अनसुनी कर दी गईं। बताया गया कि छह माह से इस्लामाबाद और बुनकर नगर की गलियों में गंदा पानी भरा है। 



समाधान की मांग कर रहे पार्षद एहसान अंसारी जनसुनवाई के समय नगरायुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा के सामने जमीन पर ही बैठ गए। वह गलियों का हाल नगरायुक्त को दिखाने पर अड़े थे। नगरायुक्त जाने लगे तो एहसान उनकी कार के आगे लेट गए। प्रवर्तन दल ने उन्हें हाथ-पैर पकड़कर हवा में लटका दिया। कार चली गई और एहसान शोर मचाते हुए करीब तीन मिनट तक हवा में ही झूलते रहे।
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मेरठ में पार्षद का अपमान। - फोटो : amar ujala
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे हुए इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया। नगरायुक्त ने पार्षद की बात तो सुनी, लेकिन उनका जमीन पर बैठना उन्हें पसंद नहीं आया। चंद ही मिनट बाद अधिकारियों के इशारे पर प्रवर्तन दल के सदस्यों ने पार्षद को जबरदस्ती उठा लिया और धक्का-मुक्की करते हुए कमरे से बाहर निकाल दिया। कार्यालय के बाहर प्रवर्तन दल का पहरा बैठ गया। पार्षद एहसान अंसारी भी टाउन हॉल के बरामदे में कुर्सी डालकर बैठ गए और नगरायुक्त को कार्यालय से बाहर निकलने पर अपने वार्ड में ले जाने के लिए अड़े रहे। 
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सड़क पर लेटकर धरना देते पार्षद - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जैसे ही नगरायुक्त अन्य अधिकारियों के साथ कार्यालय से बाहर निकले और गाड़ी के पास पहुंचे तो पार्षद एहसान ने हाथ जोड़कर कहा कि नगरायुक्त साहब, जनता मुझे नकारा समझ रही है, बस एक बार आप स्वयं मेरे वार्ड का निरीक्षण कर लीजिए। आपके अधिकारी पार्षदों की कतई नहीं सुन रहे हैं। नगरायुक्त आज नहीं फिर कभी कहते हुए जैसे ही गाड़ी में बैठे तो पार्षद ने आपा खो दिया और गाड़ी के आगे लेट गए। पार्षद ने चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान फिर प्रवर्तन दल के लोगों ने हाथ-पैर पकड़कर जमीन से उठा लिया और झुलाने लगे। नगरायुक्त अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। प्रवर्तन दल के लोगों ने नगरायुक्त के जाने के बाद ही पार्षद को छोड़ा। 

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मेरठ में पार्षद का अपमान। - फोटो : amar ujala
नगरायुक्त देखते नहीं, और अन्य अधिकारी सुनते नहीं 
पार्षद एहसान अंसारी ने कहा कि जनता की समस्याओं को नगरायुक्त देखते नहीं हैं और अन्य अधिकारी सुनते नहीं हैं। मेरे वार्ड की जनता जलभराव से जूझ रही है। मैं तो अपने बच्चों से कहकर आया हूं। आज घर तब लौटूंगा, जब जनता की समस्या का समाधान करा दूंगा, नहीं तो आत्मदाह कर लूंगा। उन्होंने कहा कि वार्ड में सड़क और पुलिया टूटी पड़ी हैं। इंजीनियर फाइल आगे बढ़ाते नहीं हैं। हम जनता को क्या मुंह दिखाएं। निगम में जनता के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। अगर अधिकारी ही इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो पार्षद और आम जनमानस किसके आगे अपनी शिकायत सुनाएगा। 
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मेरठ में पार्षद का अपमान। - फोटो : amar ujala
इस्लामाबाद पहुंचे निगम अधिकारी, जल निकासी को लगवाए पंप 
जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद दोपहर तीन बजे अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह अपने साथ इंजीनियरों को लेकर इस्लामाबाद पहुंचे। उन्होंने जलनिकासी की समस्या के समाधान को लेकर वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने निगम अधिकारियों को घेर लिया। निगम ने ओडियन नाले पर पोर्कलेन मशीन लगवाई और गली में पंप लगवाया। स्थानीय लोगों को अब कुछ राहत की उम्मीद जगी है।  
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अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार - फोटो : amar ujala
वार्ड की समस्या जायज है: प्रमोद कुमार 
हापुड़ रोड पर ओडियन नाले के ऊपर बन रही पुलिया के कारण वार्ड-72 के इस्लामाबाद और बुनकर नगर में काफी समय से जलभराव है। जनसुनवाई के दौरान पार्षद की बात सुनी गई। वह जमीन पर बैठे थे तो उनको कुर्सी पर बैठने के लिए कहा गया था। वह तत्काल मौके पर चलने के लिए अड़े थे। प्रवर्तन दल के लोगों ने भी पार्षद को जमीन से ही उठाया था। चूंकि दो बजे तक जनसुनवाई का समय है। इसके बाद पार्षद को उनके वार्ड में जाने का आश्वासन दिया गया था। उनकी जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा।  
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मेरठ में पार्षद का अपमान। - फोटो : amar ujala
पार्षद के साथ ऐसा व्यवहार ठीक नहीं 
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि पार्षद एहसान अंसारी के वार्ड में बड़ी समस्या है। निगम के अधिकारियों को पार्षद के साथ दुर्व्यवहार करने की बजाय, उनकी समस्या सुननी चाहिए थी। इस संबंध में नगरायुक्त से बात करेंगे। सभी पार्षदों की बुधवार को कैंप कार्यालय पर बैठक बुलाई है। उनका पक्ष सुना जाएगा।
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