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Meerut: कौन संभालेगा परिवार कैसे पलेंगीं मासूम, 16 दिन की मोहिनी सहित चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

Thu, 20 Oct 2022 05:07 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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गांववालों ने दिया धरना - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर के इंचौली क्षेत्र के फिटकरी गांव स्थित पेपर मिल में पांच दिन पहले बॉयलर की ट्यूब फटने से दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हाे गए थे। कर्मचारियों प्रदीप (25) निवासी सैनी गांव और पवन (33) निवासी भैंसा गांव की बुधवार को उपचार के दौरान दिल्ली एम्स में मौत हो गई।

मौत के बाद परिजनों और अन्य ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। तहसीलदार उन्हें नहीं मना पाए तो एसडीएम मवाना न्यायिक संजय कुमार और सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने काफी मशक्कत के बाद आश्वास देकर शांत कराया। 

फिटकरी गांव में श्री वैंकटेश पेपर मिल है। यहां प्रदीप और पवन बॉयलर सेक्शन में काम करते थे। 14 अक्तूबर की रात बॉयलर के अंदर की ट्यूब में ब्लॉस्ट हो गया, जिससे दोनों बुरी तरह झुलस गए। सोमवार रात पवन और मंगलवार रात प्रदीप की मौत हो गई। दोनों के शव बुधवार दोपहर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।

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पीड़ित परिजन। - फोटो : अमर उजाला
मिल पर प्रदीप का शव पहुंचने पर परिवार के लोग बिलख पड़े। पत्नी सुधा को बुरा हाल था। वह रोते हुए दूसरी महिलाओं से कह रही थी कि अब इन बेटियों को कौन संभालेगा। इससे अच्छा तो इस काम को करते ही नहीं। ग्रामीणों के मुताबिक प्रदीप पहले गांव कुछ समय पहले तक ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। बाद में यहां मिल में काम करने लगा था।

शाम करीब चार बजे दोनों गांवों के लोग बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों से पेपर मिल के गेट पर पहुंचे और धरना देने लगे। साथ ही शवों वाली एंबुलेंस भी मिल के गेट पर ही खड़ी करा दी। मामला बढ़ता देख गंगानगर और मवाना पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया।
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पीड़ित परिजन। - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार मदद की गुहार के साथ गुस्से का इजहार करते रहे। परिजनों सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि प्रदीप घर में अकेला कमाने वाला था। उसकी पत्नी सुधा और दो बेटी 14 माह की अवनी और 16 दिन की मोहनी है। प्रदीप की मां सविता भी साथ रहती हैं। वहीं, भैंसा गांव निवासी पवन के घर में पत्नी बिनेश, चार साल की बेटी कनक और दो साल की गार्गी हैं। प्रदीप और पवन के सहारे ही दोनों के परिवारों का पोषण हो रहा था।

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आक्रोष में लोग - फोटो : अमर उजाला
मिल के गेट पर हंगामे के समय महिलाओं के साथ बच्चियां भी थीं। अधिकारियों से बातचीत के दौरान परिजनों ने कहा कि इन बेटियों के सिर से पिता का साया छिन गया है। ये बच्चियां कैसे पलेंगी। ग्रामीणों ने कहा कि अब पीड़ित परिवारों को जीने लायक मदद तो दी जाए। हादसे के दौरान बॉयलर की भाप से प्रदीप का चेहरा और पवन का सीना बुरी तरह झुलस गया था।

आगे भी हो सकता है हादसा, खतरे में कर्मचारी
प्रदीप और पवन दोनों 80 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गए थे। कर्मचारियों की माने तो ब्लॉस्ट हुई ट्यूब को फिर से वेल्ड करके चालू कर दिया गया है। इससे आगे भी हादसा हो सकता है।
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पीड़ित परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बायलर फटने से दो कर्मचारी झुलस गए थे। उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। परिजनों ने कुछ मांगों को लेकर जाम लगाया था। उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया है। - पूनम सिरोही सीओ, सदर देहात
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