मेरठ में एसएसपी आवास के पास मेरठ कॉलेज में छात्र गुटों के बीच हुए संघर्ष और फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि ग्यारह नामजद आरोपी अभी भी फरार चल रहे है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दे रही है लेकिन, आरोपी पकड़ में नहीं आ सके है।
वहीं सीसीटीवी फुटेज देखने पुलिस गई तो पता चला कि पिछले 15 दिनों से सीसीटीवी हैंग पड़े हैं। आखिरी फुटेज तीन जनरवरी की दिखाई दे रही थी। सीसीटीवी को लेकर बड़ी लापरवाही कॉलेज की सामने आई है। वहीं मेरठ कॉलेज के गेट पर कुछ देर के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई, इसके बाद पुलिसकर्मी चले गए। पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास, बलवे के अलावा अब 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट की भी धारा बढ़ा दी है। सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
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कार्रवाई करने पहुंची पुलिस।
- फोटो : amar ujala
भले ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देकर पकड़ने का दावा कर रही हो लेकिन, आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। दबिश के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। छात्रों के नंबरों को सर्विलांस पर लेकर जल्द गिरफ्तार करने का पुलिस प्रयास कर रही है, जबकि छात्र खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है। यही नहीं अपने बचाव के रास्ते भी तलाश रहे है।
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जांच करती पुलिस।
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पहले होती थी रोज कैमरे की निगरानी, अब देखने वाला कोई नहीं
मेरठ कॉलेज में पहले कैमरे की रोजाना मानिटरिंग होती थी। रोजाना सीसीटीवी फुटेज देखी जाती थी। अब पिछले पंद्रह दिनों से मेरठ कॉलेज के कैमरे बंद पड़े हैं, इसको देखने वाला कोई नहीं है। इस लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधिकारी भी मेरठ कॉलेज प्रशासन से इस बात को लेकर नाराज है।
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जांच करती पुलिस।
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सुबह ही कॉलेज पहुंचे प्रबंध समिति के सचिव, जताई नाराजगी
मेरठ कॉलेज की घटना को लेकर प्रबंध समिति के सचिव डॉ. ओपी अग्रवाल मेरठ कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने यहां प्रधानाचार्य और चीफ प्रॉक्टर के साथ बैठक की। घटना को लेकर नाराजगी जताई। जैसे ही उनको जानकारी हुई कि सीसीटीवी खराब है तो उन्होंने सीसीटीवी की सर्विस देने वाली कंपनी के कर्मचारियों को फटकार लगाई। कॉलेज प्रधानाचार्य और स्टॉफ से भी कैमरे समय-समय पर नहीं देखने को लेकर नाराजगी व्यक्त की। तत्काल उन्होंने कैमरे ठीक कराने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने अपना तर्क दिया कि कैमरे के तार कई बार बंदर तोड़ चुके हैं, जिसके बाद उन्होंने केबल लगाने के निर्देश दिए। साइकिल स्टैंड की तरफ से छात्र आते है और घटना करके भाग जाते है। साइकिल स्टैंड का गेट बंद करें। कॉलेज प्रशासन अपनी तरफ से भी जांच करें और कॉलेज के दोषी छात्रों को ब्लैक लिस्ट करते हुए निलंबित करें। अपनी तरफ से पूरी जांच करें।
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मौके पर पहुंची पुलिस।
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पुलिस निकाल रही पुराने मुकदमे, ताकि लगे गैंगस्टर
पुलिस मेरठ कॉलेज के छात्रों के पुराने मुकदमों की कुंडली निकाल रही हैं ताकि आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सके। दरअसल, दो साल पहले यूपी के गृह सचिव ने आदेश दिए थे कि जो छात्र कॉलेज में गुंडागर्दी करते है और फायरिंग करते है उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करें। इस आदेश के अनुपालन में अब पुलिस छात्र गुटों के बीच पहले दर्ज मुकदमों में गैंगस्टर लगाने की तैयारी कर रही है।
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मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : amar ujala
इन 14 के खिलाफ दर्ज हुआ है मुकदमा
ईशांत तोमर, शुभम चौहान, प्रियांशु, विजित तालियान, अंकित बरार जमालपुर, पारस सिवाच, सत्यम उर्फ भूरा, टिंकू गुर्जर, शेरा जाट, चीकू, लारा, कुशल चहल, नवनीत, अल्तमस त्यागी।
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मेरठ कॉलेज में खूनी संघर्ष।
- फोटो : amar ujala
मेरठ कॉलेज को भी दिया जाएगा नोटिस
एएसपी कैंट विवेक यादव ने बताया कि मेरठ कॉलेज की भी घटना में बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। सीसीटीवी खराब पाए गए है। इसके अलावा यहां कॉलेज में गेट पर छात्रों के कार्ड की चेकिंग नहीं की जाती है। यह बड़ी लापरवाही है। इसको देखते हुए कॉलेज को भी नोटिस जारी किया जाएगा। अल्तमस बोला, मैं निर्दोष हूं। अल्तमस त्यागी ने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि जिस समय मेरठ कॉलेज में घटना हुई थी, उस समय वह मेडिकल कॉलेज में अपनी बहन का उपचार कराने गए थे। उनके पास मेडिकल कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज भी है, जो वह अधिकारियों को सौंप रहे हैं। उनको फर्जी तरीके से फंसाया गया है।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इन्होंने कहा...
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही इन सब को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - पीयूष सिंह, एसपी सिटी, मेरठ
सीसीटीवी कैमरे खराब है। इसको ठीक कराने के सख्त से निर्देश कैमरा लगाने वाली कंपनी को दिए गए है। पुलिस कॉलेज का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। - डॉ. अनिल राठी, चीफ प्रॉक्टर मेरठ कॉलेज, मेरठ