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देश पर कुर्बान: सेना ऑफिसर ने पत्नी से किया था ये वादा, पर अधूरे रह गए अरमान, शहादत से पसरा मातम, देखें तस्वीरें

Fri, 20 Aug 2021 01:35 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पत्नी के साथ राम सिंह। - फोटो : amar ujala
जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) राम सिंह छह महीने बाद रिटायर होने वाले थे। रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ रहने के उनके बड़े अरमान थे। लेकिन गुरुवार को आतंकी हमले में वे शहीद हो गए। जेसीओ राम सिंह ने अंतिम समय में भी मातृभूमि के लिए अपना फर्ज अदा किया। गोली लगने के बाद भी उन्होंने जवाबी गोलीबारी में आतंकी को ढेर कर दिया। उनकी शहादत की खबर गंगानगर के ईशापुरम में उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी अनीता भंडारी बेहोश हो गईं। बच्चे बार-बार बिलखते हुए यही कहते रहे थे कि पापा... छह महीने बाद आपने साथ रहने का वादा किया था। उस वादे को अब कौन निभाएगा। मोहल्ले में लोग गमगीन हैं।

राम सिंह के पांच बच्चों में दो बेटी प्रियंका रावत और करिश्मा नेगी की शादी हो चुकी है। सात साल से उनका परिवार ईशापुरम के बी-28 में रह रहा है। बेटा सोलन एमकॉम की पढ़ाई करते हुए सीडीएस की तैयारी कर रहा है। छोटी बेटी मीनाक्षी और मनीषा पढ़ रही हैं। राम सिंह 27 जुलाई को एक माह की छुट्टी के बाद जम्मू गए थे। वे राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में तैनात थे, इसलिए आतंकी ऑपरेशन में उनका अक्सर आना-जाना रहता था।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
गुरुवार सुबह ही उनकी पत्नी अनीता भंडारी से फोन पर रोजाना की तरह बात हुई थी। शाम को परिजनों को सूचना मिली कि वे शहीद हो गए। घर पर जानकारी मिली तो कोहराम मच गया। पत्नी बदहवास हो गई। बच्चों का बुरा हाल हो गया। पत्नी रोते हुए बस यही कहती रहीं कि अगले साल 28 फरवरी को उनके तीस साल नौकरी में पूरे हो रहे थे। 
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इलाके में पसरा मातम। - फोटो : amar ujala
इसके बाद वे सेवानिवृत्त होकर परिवार के साथ रहने वाले थे। इतने दिन से हम अलग-अलग रह रहे थे, अब साथ रहना था लेकिन बीच में ही साथ छोड़ दिया। बेटा और बेटियां भी बिलखते रहे कि पापा अब तो साथ रहने का समय आया था, अब ही चले गए। परिजनों का दुख देखकर आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हर कोई यही कह रहा था कि जब भी आते थे तो सभी से प्यार से बात करते थे। 

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पत्नी के साथ राम सिंह। - फोटो : amar ujala
जेसीओ राम सिंह के शहीद हो जाने की सूचना के बाद क्षेत्र के लोग रात तक उनके घर के बाहर पहुंचते रहे। पूरे इलाके में मातम छा गया। वह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के सलाना के रहने वाले थे। रिश्तेदार व पैतृक गांव के संबंधी भी मेरठ रवाना हो गए। 
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जेसीओ राम सिंह - फोटो : amar ujala
मेरठ में होगा अंतिम संस्कार
शुक्रवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर मेरठ लाया जाएगा। आवास पर अंतिम दर्शन के बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।  
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राम सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
अंतिम समय में निभाया सैनिक का कर्तव्य 
कसेरूखेड़ा सैनिक कॉलोनी के रहने वाले कैप्टन वीर सिंह रावत व अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि राम सिंह बेहद मिलनसार थे। उनकी बातों में देशभक्ति का जुनून साफ झलकता था। किसी भी परिस्थिति में देश के लिए समर्पित रहने का जज्बा था। लोगों ने बताया कि सूचना आई कि गोली लगने के बाद भी उन्होंने आतंकी को नहीं छोड़ा। लोग उनकी बहादुरी की चर्चा करते रहे। देर रात भाजपा नेता अजीत सिंह ने घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। 
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