आठ साल की थी बेटी जब योेगेंद्र हुए थे शहीद
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जब योगेंद्र शहीद हुए थे, उनकी बेटी आठ साल की थी
कारगिल युद्ध में टाइगर हिल पर पाकिस्तानी सेना ने सबसे ज्यादा नुकसान किया। दुश्मन 18 हजार फीट की ऊंचाई पर और हमारे जवान नीचे। वे पत्थर भी फेंकते तो गोली की तरह लगता। उधर से मशीनगन चल रही थी। कितने ही अफसर-जवान शहीद हो गए थे। योगेंद्र यादव की बटालियन को टास्क दिया गया। ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव ने अपने सात साथियों के साथ प्वाइंट पर पहुंचकर पाकिस्तानी बंकरों को ध्वस्त किया।
उन्होंने दुश्मन के 17 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। पांच जुलाई 1999 की शाम को दुश्मन की जवाबी गोलीबारी में वो शहीद हो गए। उनकी वीरता के लिए वीर चक्र मेडल दिया गया। उनकी पत्नी वीर नारी उर्मिला देवी बताती हैं, उनकी शहादत के समय बड़ी बेटी ज्योति महज आठ साल की थी। बेटा संदीप सात और दीपक चार साल का था। बेटे संदीप और दीपक बताते हैं कि पिता की बहादुरी पर उन्हें फख्र होता है।