गंगा घाट
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इसके बाद भी मेला स्थल पर पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है। कर्ण घाट पर सफाई कार्य नहीं कराया गया है। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के आचार्य मुकेश शांडिल्य के अनुसार, कौरवों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने इसी स्थान पर दीपदान किया था। उसके बाद से यहां पर दीपदान की परंपरा चली आ रही है।