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दरोगा सुसाइड: उजड़ गई परिवार की खुशियां, रह गया जिंदगीभर का गम...

Thu, 31 Jan 2019 10:28 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अचानक एक पल में हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजड़ गई। अब रह गया तो सिर्फ जिंदगीभर का गम...

जिस नौकरी की खातिर कुलदीप ने कई साल जद्दोजहद की, न्यायालय के आदेश का इंतजार किया और फिर उसी नौकरी को वह बोझ मान बैठा। कुलदीप ने जो ऑडियो बनाकर सीओ देवबंद के पास भेजा, उसमें कही गई बातों से तो यही स्पष्ट होता है कि पुलिस में भर्ती होने के बाद नौकरी से कुलदीप संतुष्ट नहीं था। क्योंकि रिकार्डिंग में कुलदीप ने कहा है कि पुलिस की नौकरी मेरे लायक नहीं है, वह कुछ और बनना चाहता था। मामला यूपी के सहारनपुर जनपद का है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह ने अपने कमरे में फांसी लगाने से पहले मोबाइल फोन से ऑडियो बनाया था। इस ऑडियो को अपने कुछ साथियों एवं सीओ देवबंद सिद्धार्थ सिंह को सुबह 10.24 बजे  भेजा था। वहीं, कुलदीप को पुलिस में उपनिरीक्षक की नौकरी भी कड़ी मेहनत से मिली थी। गौरतलब है कि 2011 में यूपी पुलिस में उपनिरीक्षकों के आवेदन भरे गए थे, जिसमें कुलदीप ने भी आवेदन किया था। भर्ती परीक्षा परिणाम को लेकर कोर्ट में आपत्ति दायर हुई, तो ज्वाइनिंग लटक गई थी। इस कारण कुलदीप को भी अन्य अभ्यर्थियों की तरह नौकरी पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी थी और न्यायालय के आदेश का इंतजार करना पड़ा था। अब चार महीना पूर्व ही ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कुलदीप ने बतौर प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सहारनपुर जनपद में देवबंद थाने में ज्वाइन किया था। इतने कम समय में ही कुलदीप को पुलिस की नौकरी बोझ लगने लगी और कुलदीप ने बेहद कठोर निर्णय लेते हुए फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पिता का आरोप, कुलदीप की हुई हत्या  
कुलदीप द्वारा मोबाइल से की गई ऑडियो, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होना और शव फांसी पर लटका मिलने से आत्महत्या ही मानी जा रही है, लेकिन कुलदीप के पिता अशोक कुमार ने शक जताया कि उसके बेटे की गला घोंटकर हत्या की गई है। पिता की तरफ से पुलिस को लिखकर दिया गया कि उसके बेटे की मौत की गंभीरता से जांच कराई जाए। वहीं, पुलिस ने कुलदीप का मोबाइल फोन कब्जे में ले रखा है। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि मोबाइल फोन कब्जे में लिया गया है, उसकी जांच कराई जा रही है। इसके अलावा परिवार द्वारा जो बातें कही गई है, उनको लेकर भी जांच की जा रही है।

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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
रात दो बजे किसी अधिकारी ने की थी कॉल 
बताया जा रहा है कि उपनिरीक्षक कुलदीप बुधवार रात में अपने कमरे पर था। देर रात दो बजे किसी पुलिस अधिकारी की कॉल कुलदीप के मोबाइल पर आई, जिसके बाद वह रणखंडी पुलिस चौकी पर चला गया। जहां से सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने कमरे पर आया। फिलहाल पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है।
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मेरा बेटा ऐसे हार नहीं मान सकता 
कुलदीप के पिता अशोक कुमार का कहना था कि मेरा बेटा इतनी जल्दी हार नहीं मान सकता। वह मेहनत में कभी पीछे नहीं रहा। मेरा गर्व था कुलदीप। उसे कोई कमी भी नहीं थी। घर की ओर से तो कभी कोई दिक्कत नहीं थी। नौकरी से दिक्कत थी तो बताता, छोड़ देता नौकरी, मेरा बेटा तो मेरे पास रहता। वह अधिकारी बनना चाहता था। नौकरी के लिए भी उसने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया कि कुलदीप 24 जनवरी को ही घर गया था और 25 जनवरी को शालीमार एक्सप्रेस से वापस आ गया। कहकर आया था कि उसे 26 जनवरी की परेड में शामिल होना है। कुलदीप के पिता अशोक कुमार ने बताया कि लगभग छह साल पूर्व ही कुलदीप की शादी हुई थी। उसकी साढ़े तीन साल की बेटी आयुषि है और मात्र सवा साल का बेेटा आयुष्मान है।
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दरोगा सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
पापा के लाड़लों को क्या जवाब दूंगी 
कुलदीप की शादी छह साल पूर्व हुई थी। घर में पत्नी शिल्पी के अलावा चार साल की बेटी आयुषी और सवा साल का बेटा आयुष्मान है। कुलदीप की मौत के बारे में पत्नी को नहीं बताया गया था। जब परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे, तो कुलदीप का शव सामने देखकर पत्नी शिल्पी फफक पड़ी। पत्नी कह रही थी कि रात 11 बजे तक उनसे बात होती रही, कहते रहे कि सब कुछ ठीक है, कोई दिक्कत नहीं है, फिर ऐसा क्यों किया। पापा के लाड़लों को क्या जवाब दूंगी। दोनों बच्चे तो अपने पापा के बिना नहीं रह सकते।
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दरोगा सुसाइड - फोटो : अमर उजाला
खाना तैयार करा लो, नहाकर आता हूं 
सीओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि कुलदीप सुबह आठ बजे तक पुलिस चौकी पर ही था। साथियों के साथ वहां चाय भी पी थी। जब कुलदीप वहां से घर जाने लगा, तो कर्मचारी ने खाने के लिए पूछा। इस पर कुलदीप ने कहा कि खाना तैयार करा लो, नहाकर आ रहा हूं। उस समय तक किसी को भी इसका आभास नहीं था कि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने जा रहा है।

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