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यूपी क्राइम: पुलिस की सूरत बदली तो बदमाशों ने बदले अपराध के तरीके, नए चेहरों ने बढ़ाई चुनौती

Thu, 03 Jan 2019 11:31 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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crime amar ujala
आधुनिक युग में पुलिस की सूरत बदली तो बदमाशों ने भी अपराध करने का तरीका बदल लिया। अपराध जगत में नए-नए चेहरे सामने आ रहे हैं। उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बनने लगा है। पेशेवर अपराधियों के नक्शे कदमों पर ऐसे बदमाश अपराध कर रहे है, जो या तो बाहरी हैं या उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस से बचने की खातिर कई बदमाश मोबाइल फोन का इस्तेमाल तक नहीं करते हैं। 
 
 
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मेरठ, क्राइम - फोटो : SELF
दूसरे जिलों के बदमाश पकड़ना था चुनौती 
हत्या, लूट, दुष्कर्म, रंगदारी मांगने जैसी संगीन वारदात बदमाश दूसरे जिलों में जाकर करने लगे हैं। पुलिस लोकल बदमाशों की कुंडली खंगालती रही और वारदात करने वाले काफी दूर चले जाते हैं। ऐसा कई घटनाओं में देखने को मिला। हाईवे पर दुल्हन महविश की हत्या, मोहनपुरी में डीएम ऑफिस के क्लर्क के घर दिनदहाडे़ डकैती, सुशीला मैटरनिटी हॉस्पिटल में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या समेत कई वारदातों में दूसरे जिलों से बदमाश आकर वारदात कर गए। जिनको काफी मशक्कत के बाद ढूंढा गया।

 
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मेरठ न्यूज
बना रहे हैं डोजियर
अपराध का ट्रेंड बदला है। वारदात में नए बदमाश आ रहे हैं, उनको पकड़ना वाकई पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनने लगा है। इसको देखते हुए नए बदमाशों का भी पुलिस डोजियर तैयार करने में लगी है। ताकि कोई वारदात होने पर उनको खंगाला जा सके।  - सतपाल सिंह, एएसपी कैंट

 

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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
वारदात-1
12 अप्रैल 2018 को किठौर में शकील के घर बदमाशों ने डकैती डाली। डकैतों ने लूट के बाद शकील की पत्नी रेेशमा की हत्या कर दी। पुलिस ने लोकल और पेशेवर अपराधियों की कुंडली खंगाल ली थी। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बाद में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डकैत फैजान, नाहिद, राजिक निवासी फिरोजपुर संभल को गिरफ्तार किया। तीनों अपराधियों का मेरठ में कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। बावरिया गैंग के लीडर चंदू को बाद में पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा।  
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मेरठ न्यूज
वारदात-2
छह जनवरी 2018 को सिविल लाइन क्षेत्र के मोहनपुरी में चड्ढा ग्रुप की शराब कंपनी के कर्मचारियों से सरेशाम 18 लाख रुपये लूट लिए गए थे। पुलिस ने लोकल बदमाशों की कुंडली खंगाली। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस ने मुखबिर तंत्र के जरिये लूटकांड में प्रीतम, संदीप निवासी यादगारपुर सिविल लाइन और निखिल, राहुल निवासी कानपुर को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे ही उन्होंने लूट करने का प्लान बनाया था।

 
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मेरठ न्यूज
वारदात-3
कुछ बदमाश शहर में आते और लूट करके भूमिगत हो जाते थे। शास्त्रीनगर और पॉश इलाके इन लुटेरे गैंग के निशाने पर थे। इनको पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना था। लुटेरे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। लेकिन इनकी पहचान नहीं हो रही थी। 17 नवंबर 2017 को क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद रोहित उर्फ दीपांशु और अर्जन उर्फ शम्मी निवासी कानपुर को दबोच लिया। दोनों लुटेरों को पुलिस ने पैर में गोली मारी और गिरफ्तार कर जेल भेजा। दोनों बदमाश नए थे। 
 
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मेरठ पुलिस
वारदात-4
19 जून को मेरठ के बदमाशों ने दिल्ली के डॉ. श्रीकांत का अपहरण कर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बदमाश सुशील और उसका भाई अनुज निवासी दौराला था। उनका मेरठ में कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। दोनों भाइयों ने डॉ. श्रीकांत को शताब्दीनगर में बंधक बनाकर रखा हुआ था। दिल्ली पुलिस ने मेरठ पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस बार बार कहती रही कि उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। ग्रामीण भी उनके बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं थे।  
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