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कब्रिस्तान में मिला अवैध हथियारों का जखीरा, ऑन डिमांड करते थे सप्लाई, ऐसे हुआ पर्दाफाश

Sun, 06 Oct 2019 12:41 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कब्रिस्तान - फोटो : file
कब्रिस्तान में छापेमारी कर पुलिस ने तमंचा फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। फर्जी कब्र में इतने अवैध हथियार छिपा रखे थे कि पुलिस अधिकारी भी देखकर हैरान रह गए। इन तमंचों को ऑन डिमांड सप्लाई किया जाता था। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट- 
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बरामद हुए अवैध हथियार - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में खजूरी गांव के कब्रिस्तान में छामेपारी की। इस दौरान एक फर्जी कब्र से भारी मात्रा में तमंचे बरामद हुए हैं। इन तमंचों को ऑन डिमांड बनाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद आदि जिलों में सप्लाई किया जाता था।

यह भी पढ़ें: तमंचा फैक्ट्री का भंड़ाफोड़, पुलिस ने भारी मात्रा में बरामद किया असलहा
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एसपी देहात, अविनाश पांडेय - फोटो : अमर उजाला
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि खजूरी गांव के कब्रिस्तान में रात को संदिग्ध लोगों की आवाजाही रहती है। पड़ताल के बाद शुक्रवार रात सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया और एसओ परीक्षितगढ़ कैलाशचंद ने कब्रिस्तान में छापा मारकर जांच की जो सामने आया कि कब्रिस्तान में ही तमंचे बनाए जा रहे थे। पुलिस ने भूरा पुत्र खुर्शीद निवासी खजूरी और हारून पुत्र मुंशी निवासी अहमदनगर बढ़ला थाना परीक्षितगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी कब्र में मौत का सामान

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एसपी देहात अविनाश पांडेय
एसपी देहात के अनुसार कब्रिस्तान में तमंचे बनाने का पूरा सेटअप लगा मिला। पूरी फैक्टरी एक फर्जी कब्र के आसपास ही संचालित हो रही थी। इस फर्जी कब्र के पास पंखा भट्ठी लगी थी। मौके से तमंचे बनाने के उपकरणों में नाल, ट्रिगर, 45 पिन आदि सामान बरामद किया गया। फर्जी कब्र की तलाशी ली गई तो उसमें 13 तैयार तमंचे, एक बंदूक और 50 अधबने तमंचे मिले। आरोपियों ने बताया कि वे तमंचे बनाने के बाद सारा सामान फर्जी कब्र में पॉलीथिन में पैक करके रख देते थे और ऊपर से मिट्टी कर देते थे, ताकि किसी को शक न हो।
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नौ साल से बना रहा तमंचे

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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
इस फैक्टरी के सरगना भूरा ने बताया कि वह साल 2010 से तमंचे बनाते आ रहा था। उस पर परीक्षितगढ़, मुंडाली, भावनपुर थाने में 13 मुकदमे दर्ज हैं। हारून के खिलाफ परीक्षितगढ़ और सदर बाजार में सात मामले दर्ज हैं। भूरा जेल भी गया और वहां से छूटकर काफी समय मुजफ्फरनगर में रहा था। एसपी के अनुसार इन तमंचों को दूसरे जिलों में सप्लाई करने वाली की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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एक दिन में चार तमंचे, एक 1500 का 

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तमंचा
सरगना भूरा के अनुसार वे एक रात में तीन-चार तमंचे बना लेते थे। एक तमंचा बनाने में 500-700 रुपये की लागत आती है। जबकि वह 1500 रुपये में बिकता है। कब्रिस्तान में तमंचा बनाने के बाद दिन निकलने से पहले ही वह तैयार तमंचे घर ले जाता था। उसकी पत्नी को इस धंधे का पता है।

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