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मां ने रोका और बेटी ने पीछे से मारी गोली, बेहद खौफनाक है मर्डर की ये कहानी...

Sun, 21 Apr 2019 03:03 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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घटना की जानकारी लेती पुलिस और एसएसपी ऑफिस शिकायत करने पहुंची मोहन देवी - फोटो : अमर उजाला
अगस्त 2018 में गौरव की हत्या हुई थी। गौरव के परिजनों को संदेह था कि हत्या की साजिश में नीटू भी शामिल था। नीटू शनिवार को बड़ौत से गांव पहुंचा तो गौरव की मां ने उसे रोक लिया और पीछे से बेटी खुशबू ने गोली मार दी। इसके बाद एक और गोली उसे मारी गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेहद खौफनाक है मर्डर की ये कहानी...! अगली स्लाइडों में पढ़िए:-
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मौके पर जांच करती पुलिस और नीचे मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बागपत जनपद के बिनौली में सतपाल उर्फ नीटू की हत्या के बाद धनौरा सिल्वरनगर गांव की गलियों में सन्नाटा था और ग्रामीणों में दहशत थी। करीब एक घंटे तक नीटू का शव घर के बाहर नाली में पड़ा रहा, लेकिन ग्रामीणों की हिम्मत घर से बाहर निकलने की नहीं हुई। पुलिस के आने के बाद लोग घरों से बाहर निकले।

धनौरा सिल्वरनगर में सतपाल उर्फ नीटू की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा है। मृतक की पत्नी गुड्डी, बेटे हनी, सन्नी, बहन कमला, सुदेश, अनीता, मुनेश, नीलम व भाई कुलदीप का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
धनौरा सिल्वरनगर में वर्ष 2017 में अंकित पुत्र आनंद राणा का शव खेत में पेड़ पर लटका मिला था। 23 अगस्त 2018 को गौरव पुत्र आनंद राणा की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। दो सगे भाई अंकित व गौरव की हत्या की साजिश रचने का शक शनिवार को मारे गए सतपाल उर्फ नीटू पर था। इसी रंजिश के चलते नीटू गांव छोड़कर बड़ौत में रहने लगा था।

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घटना की जानकारी लेते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि शनिवार को वह गांव आया तो पहले आनंद राणा की पत्नी और बेटी से नीटू की कहासुनी हुई। दोनों ने उस पर गौरव व अंकित की हत्या की साजिश रचने और आरोपी को अपने घर में रखने का आरोप लगाया। लेकिन नीटू मना करता रहा। इस बीच उसे गोली मार दी गई। ग्रामीणों के बीच दहशत है और कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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एएसपी रणविजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
एएसपी रणविजय सिंह का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। मृतक नीटू के छोटे भाई कुलदीप राणा ने अपने चचेरे भाई आनंद राणा पुत्र बनवारी, उसकी पत्नी मोहन देवी, बेटी खुशबू, भतीजे देवकरण पुत्र अशोक राणा और  सीमा पत्नी अशोक राणा को नामजद कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मोहन देवी और सीमा आपस में देवरानी - जेठानी हैं।
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घटना के बाद इकट्ठा हुए ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
गोली लगने के बाद कार की तरफ भागा नीटू
धनौरा सिल्वरनगर गांव में गोली लगने के बाद सतपाल उर्फ नीटू अपनी कार की तरफ भागा। हमलावरों ने उसकी पीठ में गोली मारी। गोली लगने के बाद कुछ दूर पर जाते ही वह गिर पड़ा। उसके हाथ में कार की चाबी भी थी। पीठ में गोली लगने के बाद पार निकल गई। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्हें पता था कि मृतक सतपाल उर्फ नीटू गांव में आया हुआ है और घर के बाहर खड़ा है।
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मामूली रंजिश में बिखर गया भगवान सिंह का कुनबा
धनौरा सिल्वरनगर गांव के किसान भगवाना उर्फ भगवान सिंह का परिवार मामूली रंजिश में बिखर गया। भगवाना के एक बेटे का नाम मुंशी था। मुंशी के चार बेटे थे। सबसे बड़े पवन की हरिद्वार में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दूसरे बेटे बॉबी की बीमारी से मौत हुई। तीसरे बेटे नीटू की शनिवार को हत्या कर दी। चौथे बेटे कुलदीप है। उसने मुकदमा दर्ज कराया है। भगवाना के दूसरे बेटे का नाम बनवारी था। बनवारी का एक बेटा आनंद राणा और दूसरा बेटा अशोक राणा था। अशोक राणा की गांव में ही एक व्यक्ति ने थप्पड़ मारने के विवाद में हत्या की। पुलिस की विवेचना में गांव के देवी सिंह हत्याकांड में आनंद राणा, उसके बेटे गौरव और भतीजे देवकरण का नाम भी आया। तीनों जेल गए।

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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आनंद राणा के बेटे अंकित का शव पेड़ पर लटका मिला, लेकिन मौत का खुलासा नहीं हुआ। दूसरे बेटे गौरव की गला काटकर हत्या कर दी। गौरव की हत्या में पवन के बेटे पारुल को नामजद किया। पुलिस जांच में हत्या की वजह अवैध संबंध सामने आए थे। आनंद राणा के परिवार को शक था कि गौरव के हत्यारोपी पारुल को उसका चाचा नीटू पनाह दे रहा है और हत्या की साजिश रची है। इसी शक में शनिवार को नीटू की हत्या कर दी।
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यूपी पुलिस
देवी सिंह हत्याकांड में जेल गया था आरोपी आनंद और उसका बेटा
पांच साल पहले देवी सिंह और थान सिंह परिवारों के बीच रंजिश का सिलसिला शुरू हुआ। वर्ष 2014 में देवी सिंह के छोटे भाई सुमित की उस समय गर्दन रेत कर हत्या कर दी गई थी, जब वह बड़ौत से दूध सप्लाई कर वापस लौट रहा था। वारदात में देवी सिंह ने थान सिंह के परिवार को नामजद कराया था। इसके बाद 25 दिसंबर 2016 को देवी सिंह की पुलिस सुरक्षा में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें सुनील, सोहनवीर, थान सिंह समेत 10-12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस विवेचना में आनंद राणा, देवकर्ण राणा, गौरव, मनोज, बरसाती निवासी धनौरा सिल्वनगर, पवन उर्फ पोनी, अंकित निवासी बामनौली, सोनू उर्फ बागी निवासी सिवाया, दुष्यंत निवासी जमालपुर, विक्रांत निवासी बड़ौत, दीपक निवासी दायमपुर के नाम प्रकाश में आए थे। फरवरी 2018 में पुलिस ने दीपक दायमपुर को एनकाउंटर में मार गिराया था। आनंद राणा के बेटे गौरव की गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई थी। गौरव की हत्या के आरोपी को घर में रखने और साजिश रचने का शक ही नीटू पर था।

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