बागपत जिला जेल फाइल फो
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ये था मामला
बड़ौत के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से मोबाइल पर रंगदारी मांगने के मामले में झांसी जेल से मुन्ना बजरंगी को सुनवाई के लिए बागपत लाया गया था। नौ जुलाई को अदालत में सुनवाई होनी थी। आठ जुलाई की रात बजरंगी को बागपत जेल में रखा गया। नौ जुलाई की सुबह तन्हाई बैरक के बाहर मुन्ना बजरंगी की पिस्टल से गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का मुकदमा सुनील राठी पर दर्ज किया गया था। वारदात के बाद तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, मुख्य बंदीरक्षक अरजिंदर सिंह और माधव कुमार को निलंबित कर दिया गया था। बजरंगी की पत्नी ने सीमा ने जौनपुर से बसपा के सांसद रहे धनंजय सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। पिछले दिनों नारायण दीक्षित की भी हादसे में मौत हो चुकी है।