फैक्टरी के बाहर खड़ें लोग
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बताया गया कि आग में मिल के चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार कुशवाहा गंभीर रूप से झुलस गए थे। हालात गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराने ले जा रहे थे। लेकिन उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं कैमिकल गोदाम में भी रुक-रुक के ड्रम फटने लगे। इस कारण फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।