विलाप करती मां।
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आमने-सामने दो स्कूल, हो सकता था बड़ा हादसा
सारिम की जिस खंभे में करंट उतरने से मौत हुई। वहां, आमने-सामने दो स्कूल है। एक प्राइवेट स्कूल तो दूसरा प्राइमरी पाठशाला नंबर दो है। हालांकि, सारिम अन्य स्कूल में पढ़ता था। दो दिन से खंभे में करंट उतरा हुआ था। त्योहार के चलते दो दिन से स्कूलों की छुट्टी थी। जिस कारण बच्चे व शिक्षक-शिक्षिकाएं भी करंट की बात से अंजान थे। लोगों ने बताया कि सारिम के आने से पहले भी एक स्कूल के बच्चे काफी संख्या में वहां खड़े थे। जब सारिम वहां पहुंचा तो बच्चों को देखकर वह रुक गया। गनीमत यह रही कि बच्चों ने उस दौरान एक दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा, नहीं तो और बड़ा हादसा हो सकता था।